मुंबई पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, 3.25 लाख करोड़ की 114 राफेल डील पर आज निर्णायक बातचीत

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपने तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंच गए हैं। 2017 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनकी चौथी भारत यात्रा है और मुंबई की पहली आधिकारिक यात्रा मानी जा रही है। मुंबई एयरपोर्ट पर महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

राष्ट्रपति मैक्रों भारत में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने आए हैं, लेकिन इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण भारत और फ्रांस के बीच प्रस्तावित 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील मानी जा रही है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है।

114 राफेल विमानों की ‘मदर ऑफ ऑल डिफेंस डील’

भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही मजबूत रहा है। अब 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर निर्णायक बातचीत होने की उम्मीद है। यह सौदा भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा सकता है।

दसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित राफेल लड़ाकू विमान पहले ही भारतीय वायुसेना में शामिल हैं और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियानों में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया है। अब प्रस्तावित नई डील को भारत के रक्षा इतिहास की सबसे बड़ी डील्स में से एक माना जा रहा है।

मुंबई में पीएम मोदी से मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मुलाकात मुंबई के लोक भवन में निर्धारित है। आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे और रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार तथा उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।

शाम करीब सवा पांच बजे दोनों नेता ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026’ का उद्घाटन भी करेंगे और उद्योग जगत, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

रक्षा से आगे बढ़कर तकनीक और एआई पर फोकस

मैक्रों का यह दौरा केवल रक्षा सौदे तक सीमित नहीं है। वह भारत द्वारा आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेंगे, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल भविष्य को लेकर वैश्विक चर्चा होगी।

हाल ही में भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड डील भी हुई है, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा गया। ऐसे में मैक्रों की यात्रा को व्यापक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पारस्परिक सैन्य सहयोग में विस्तार

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय सेना और फ्रांसीसी थल सेना के बीच अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती को लेकर भी घोषणा की संभावना है। रक्षा सहयोग लंबे समय से दोनों देशों के संबंधों का अहम स्तंभ रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में उच्च स्तरीय आदान-प्रदान से दोनों देशों के संबंध और मजबूत हुए हैं। जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के बैस्टिल डे परेड में विशिष्ट अतिथि थे, जबकि जनवरी 2024 में राष्ट्रपति मैक्रों गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि बने थे।

क्यों खास है यह दौरा?

मैक्रों का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक राजनीति और सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। भारत और फ्रांस दोनों ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

114 राफेल विमानों की संभावित डील, एआई और नवाचार सहयोग, तथा रणनीतिक साझेदारी की नई दिशा—इन सभी कारणों से यह यात्रा भारत-फ्रांस संबंधों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकती है।

आने वाले घंटों में होने वाली उच्चस्तरीय बैठकें यह तय करेंगी कि यह रक्षा सौदा किस रूप में अंतिम रूप लेता है और दोनों देशों की साझेदारी कितनी नई ऊंचाइयों तक पहुंचती है।