हाईकोर्ट का स्टे लगने पर आईएमए ने डॉ. मणि की सदस्यता बहाल की

    आईएमए की कार्यप्रणाली, तौर तरीको और विश्वसनीयता पर लगातार हमला करते आ रहे डॉ. मणि


रणघोष अपडेट. रेवाड़ी

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को आखिरकार आदित्य अस्पताल, रेवाड़ी के संचालक डॉ. एसएन मणिकंदन की एसोसिएशन में बहाली करनी पड़ी। डॉ. मणि हटाए जाने के खिलाफ पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट में चले गए थे जिस पर कोर्ट ने आईएमए के निर्णय पर आगामी सुनवाई तक रोक लगा दी थी। डॉ. मणि लगातार आईएमए की कार्यप्रणाली, तौर तरीकों और विश्वसनीयता पर साक्ष्यों के साथ हमला करते आ रहे हैं। उनके हमलों से हर बार आईएमए को बैकफुट पर जाना पड़ा है। पिछले दिनों कुछ राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर आईएमए की तरह से हुए आयोजन में शराब पार्टी का मीनू भी शामिल था वो भी ऐसे होटल में जिसके पास शराब परोसने का कोई लाइसेंस तक नही था। डॉ. मणि के विरोध पर एक पार्टी को कैसिंल करना पड़ा। इससे पूर्व डॉ. मणि आईएमए में सदस्यता और जमा होने वाली राशि में अनियमिताए और कोई रिकार्ड नही होने पर आईएमए की राष्ट्रीय बॉडी एवं प्रशासन को भी शिकायत दर्ज कर चुके थे। जिला फर्म एवं रजिस्टार ने भी अपनी जांच में माना था की आईएमए के रजिस्ट्रेशन का कोई रिकार्ड उनके पास नही है जबकि नियमानुसार यह हरियाणा सरकार के सोसायटी एक्ट के दायरे में आते हैं। डॉ. मणि ने कहा की आईएमए मौज मस्ती के लिए नही समाज में डॉक्टरी पेशे की गरिमा को बनाए रखने के लिए बनी है लेकिन इसका मकसद बिखर चुका है। इसलिए जिम्मेदार डॉक्टर होने के नाते उन्हें आगे आना पड़ा। आईएमए में बेहतर करने के नाम पर राजनीति, एक दूसरे को नीचा दिखाने और जाति के आधार पर धड़े बनाने का खेल चलता रहता है जिसका वे लगातार विरोध करते आ रहे है और आगे भी करते रहेंगे।