Hormuz Crisis: भारत ने तेल संकट से निकलने का निकाला रास्ता, 41 देशों से डील, ईरान ने भी दी राहत

होर्मुज संकट के बीच भारत का बड़ा कदम: कई देशों से तेल-एलपीजी डील, ईरान से भी मिली राहत

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के फंसने के बीच भारत ने ऊर्जा संकट से उबरने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। खबर है कि भारत ने कई देशों के साथ कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर अहम समझौते किए हैं और इनके रेट भी तय कर लिए गए हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इन डील्स का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।

तेजी से साइन हो रहे हैं नए समझौते

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने कच्चे तेल (Crude Oil) और एलपीजी के आयात में विविधता लाने के लिए नए समझौतों पर तेजी से हस्ताक्षर शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, विस्तृत बातचीत और भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए कीमतों पर सहमति बनने के बाद इन डील्स को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

सरकार ने हाल ही में हुई सर्वदलीय बैठक में संकेत दिया था कि देश पहले ही अग्रिम ऑर्डर दे चुका है और अब तेल-गैस के स्रोतों को काफी हद तक विविध बना लिया गया है। वर्तमान में भारत 41 देशों से ऊर्जा संसाधन खरीद रहा है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो गई है।

किन देशों से हो रही है आपूर्ति

रिपोर्ट्स के अनुसार, संभावित सप्लायर देशों में रूस प्रमुख भूमिका में हो सकता है। भारत पहले से ही रूसी तेल का बड़ा आयातक रहा है, हालांकि इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ कुछ समय से तनाव भी देखने को मिला है।

इसके अलावा, पश्चिम अफ्रीका, अमेरिका और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। इन वैकल्पिक स्रोतों के जरिए भारत ने आपूर्ति में आई रुकावट की भरपाई करने की कोशिश की है।

ईरान से मिली बड़ी राहत

इस पूरे संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर ईरान की ओर से आई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि भारत समेत कुछ मित्र देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि कई देशों ने अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान से संपर्क किया था। इनमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, इराक और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं। ईरान के सशस्त्र बलों ने इन देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का निर्णय लिया है।

होर्मुज में फंसे भारतीय जहाज

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले और उसके बाद ईरान के पलटवार के चलते पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया था। इसी दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज फंस गए थे।

इनमें से 24 जहाज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में और 4 पूर्वी हिस्से में मौजूद थे। हाल के दिनों में दोनों ओर से कुछ जहाज सुरक्षित निकलने में सफल रहे हैं, लेकिन अभी भी कई जहाज वहां फंसे हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, फिलहाल 22 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनमें से 20 पश्चिमी किनारे पर और 2 पूर्वी किनारे पर हैं। इन जहाजों में करीब 540 भारतीय नाविक सवार हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

निष्कर्ष: संकट के बीच रणनीतिक तैयारी

पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर समय रहते रणनीतिक कदम उठाए हैं। एक ओर जहां नए देशों के साथ डील कर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक स्तर पर भी प्रयास जारी हैं।

ईरान से मिली राहत और वैकल्पिक स्रोतों से बढ़ती आपूर्ति यह संकेत देती है कि भारत इस संकट का सामना मजबूती से करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है, लेकिन फिलहाल देश के लिए यह एक संतुलित और रणनीतिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है।