पेट्रोल-डीजल महंगा: ईरान-अमेरिका युद्ध का असर, Nayara Energy ने बढ़ाए दाम
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध तनाव का सीधा असर अब भारत में आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। देश की प्रमुख प्राइवेट तेल कंपनी Nayara Energy ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है।
नई दरों के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद देश के कई शहरों में ईंधन कीमतें नए उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।
क्यों बढ़े दाम?
दरअसल, ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगभग बंद होने की स्थिति में है। इसके अलावा दोनों देशों द्वारा एनर्जी से जुड़ी जगहों पर हमले किए जाने से ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
सप्लाई में रुकावट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर पड़ा है।
देश के बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम
- हैदराबाद – 107.46 रुपये प्रति लीटर
- कोलकाता – 105.41 रुपये प्रति लीटर
- मुंबई – 103.54 रुपये प्रति लीटर
- बेंगलुरु – 102.92 रुपये प्रति लीटर
- नई दिल्ली – 94.77 रुपये प्रति लीटर
डीजल के ताजा रेट
- हैदराबाद – 95.70 रुपये प्रति लीटर
- भुवनेश्वर – 92.77 रुपये प्रति लीटर
- चेन्नई – 92.39 रुपये प्रति लीटर
- नई दिल्ली – 87.67 रुपये प्रति लीटर
टियर-1 शहरों में हैदराबाद सबसे महंगा शहर बनकर सामने आया है, जहां पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
पंपों पर लंबी कतारें, LPG संकट भी गहराया
ईंधन की कमी की आशंका और सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के चलते देश के कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। असम के गुवाहाटी समेत कई शहरों में लोग अपने वाहनों की टंकियां फुल कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं।
इसी तरह एलपीजी (रसोई गैस) को लेकर भी संकट की स्थिति बनती नजर आ रही है। रिफिलिंग स्टेशनों और डिपो के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
हालांकि सरकार लगातार यह कह रही है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है।
ओवैसी का सरकार पर हमला
इस मुद्दे पर Asaduddin Owaisi ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऊर्जा संकट से निपटने में पूरी तरह विफल रही है।
ओवैसी ने कहा कि सरकार पर्याप्त रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व बनाने में असफल रही है, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है।
क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव जारी रहता है और सप्लाई बाधित होती है, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।
ऐसे में भारत के लिए ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण और रणनीतिक भंडारण बेहद जरूरी हो गया है, ताकि भविष्य में इस तरह के संकट का प्रभाव कम किया जा सके।