Indian Sports Industry 2025: क्रिकेट का दबदबा कायम, IPL स्पॉन्सरशिप 1000 करोड़ के पार

भारतीय खेल उद्योग के लिए साल 2025 एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में उभरा है। जहां एक ओर रियल मनी गेमिंग पर संभावित प्रतिबंध को लेकर चिंता जताई जा रही थी, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक और वैश्विक ब्रांड्स ने आगे आकर इस कमी को पूरा कर दिया।

डब्ल्यूपीपी मीडिया की ताजा ‘स्पोर्टिंग नेशन’ रिपोर्ट 2025 के मुताबिक, भारतीय खेल उद्योग का आकार पिछले साल के मुकाबले 13.4% की दर से बढ़कर 18,864 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि पिछले चार वर्षों में यह उद्योग लगभग दोगुना हो चुका है।


क्रिकेट का दबदबा: 89% हिस्सेदारी

रिपोर्ट का सबसे बड़ा खुलासा यह है कि भारतीय खेल अर्थव्यवस्था में क्रिकेट का हिस्सा 89% है।

यह आंकड़ा साफ करता है कि भारत में अन्य खेलों की तुलना में क्रिकेट का प्रभाव और लोकप्रियता अब भी सबसे अधिक है।


विज्ञापन से सबसे ज्यादा कमाई, डिजिटल ने TV को पछाड़ा

भारतीय खेल उद्योग की कमाई में सबसे बड़ा योगदान मीडिया विज्ञापनों का रहा है, जो 9,571 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

इस बार एक बड़ा बदलाव यह देखने को मिला कि:

  • डिजिटल विज्ञापन ने
  • पारंपरिक टेलीविजन विज्ञापन को पीछे छोड़ दिया

यह बदलाव दर्शाता है कि दर्शकों की रुचि तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर बढ़ रही है।


स्पॉन्सरशिप मार्केट में 8% की बढ़ोतरी

रियल मनी गेमिंग सेक्टर पर नियामक दबाव के बावजूद स्पॉन्सरशिप बाजार में 8% की वृद्धि दर्ज की गई, जो अब 7,949 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

पहले जहां Dream11 और My11Circle जैसे फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स का दबदबा था, वहीं अब उनकी जगह बड़े और भरोसेमंद ब्रांड्स ने ले ली है।

इनमें प्रमुख रूप से:

  • Google
  • Apollo Tyres

जैसी कंपनियां शामिल हैं, जिन्होंने खेलों खासकर क्रिकेट में भारी निवेश किया है।


IPL बना कमाई का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) एक बार फिर भारतीय खेल उद्योग की रीढ़ साबित हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार IPL टीमों की स्पॉन्सरशिप 1000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई, और कुल 1,033 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई।

सबसे ज्यादा कमाई करने वाली टीमों में शामिल हैं:

  • मुंबई इंडियंस
  • रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
  • चेन्नई सुपर किंग्स

इन टीमों ने अकेले करीब 150 करोड़ रुपये तक की स्पॉन्सरशिप हासिल की है।


निष्कर्ष

भारतीय खेल उद्योग तेजी से विकास के नए आयाम छू रहा है। क्रिकेट का दबदबा बरकरार है, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और नए ब्रांड्स की एंट्री इस इंडस्ट्री को और मजबूत बना रही है।

2025 के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक खेल बाजार में और बड़ी ताकत बनकर उभरेगा।