ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि खामेनेई की हत्या अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में हुई है। उन्होंने इस घटना को मुसलमानों के खिलाफ खुली जंग की घोषणा करार दिया, खासकर शिया समुदाय के लिए। राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान की सर्वोच्च राजनीतिक शक्ति और विश्व स्तर पर शिया नेतृत्व के प्रमुख व्यक्तित्व की हत्या पूरी दुनिया में मुसलमानों, विशेष रूप से शियाओं के खिलाफ युद्ध की शुरुआत मानी जा रही है। यह बयान ईरानी राज्य टीवी पर प्रसारित किया गया। खामेनेई की मौत ने ईरान में गहरा सदमा पैदा किया है और देश में 40 दिनों का शोक मनाया जा रहा है।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने आगे कहा कि इस ऐतिहासिक अपराध के कर्ताधर्ताओं और साजिशकर्ताओं से बदला लेना इस्लामी गणराज्य ईरान का वैध कर्तव्य और अधिकार है। उन्होंने इस हत्या को बड़ा अपराध बताया और घोषणा की कि ईरान इसे बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा। राष्ट्रपति ने जोर दिया कि इस घटना से इस्लामी और शिया दुनिया में एक नया अध्याय शुरू होगा, जहां ईरान पूरी ताकत और विश्व के स्वतंत्र लोगों के समर्थन से अपराधियों को पछतावा करवाएगा। ईरान ने पहले ही अमेरिकी ठिकानों और इजरायल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया है।
यह हमला इजरायल-ईरान संघर्ष के तेजी से बढ़ते दौर में हुआ, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए कहा था कि यह ईरानी लोगों के लिए अपना देश वापस लेने का सबसे बड़ा अवसर है। खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। उन्होंने लगभग चार दशकों तक देश की राजनीति, सेना और धार्मिक नीतियों को आकार दिया था। उनकी मौत से ईरान में सत्ता संक्रमण का संकट पैदा हो गया है और राष्ट्रपति पेजेश्कियन सहित दूसरे सीनियर अधिकारी अस्थायी रूप से नेतृत्व संभाल रहे हैं। दुनिया भर में इस घटना पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जबकि ईरान ने इसे आक्रामकता और कानूनहीनता बताया है।
ईरान ने खामेनेई को शहीद घोषित किया है और पूरे देश में जनता सड़कों पर उतर आई है। तेहरान सहित कई शहरों में अमेरिका-विरोधी और इजरायल-विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने लोगों से एकजुट रहने और इस्लामी गणराज्य की रक्षा करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना मध्य पूर्व में बड़े युद्ध की आशंका को बढ़ा रही है। ईरान ने बदले की कसम खाई है और अमेरिका-इजरायल गठबंधन इसे और तेज करने की तैयारी में है। ईरान की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में देखने लायक होगी।