महाराष्ट्र के नासिक में Tata Consultancy Services (TCS) से जुड़े गंभीर मामले की जांच लगातार गहराती जा रही है। महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के आरोपों के बीच अब जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों की भी पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या आरोपियों को इन गतिविधियों के लिए किसी तरह की फंडिंग या आर्थिक मदद मिली थी।
SIT कर रही है मामले की जांच
इस पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक:
- आरोपियों के बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है
- धन के स्रोत का पता लगाने की कोशिश हो रही है
- किसी बाहरी फंडिंग या नेटवर्क की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा
हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
7 कर्मचारी गिरफ्तार, एक फरार
जांच में अब तक Tata Consultancy Services के सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें:
- 6 पुरुष
- 1 महिला (प्रबंधक – संचालन)
शामिल हैं।
इसके अलावा, एक अन्य महिला कर्मचारी अभी फरार बताई जा रही है, जिसकी तलाश जारी है।
अदालत ने बढ़ाई पुलिस हिरासत
स्थानीय अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला प्रबंधक (संचालन) की पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है। इससे साफ है कि जांच एजेंसियां अभी और साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।
महिला कर्मचारियों की शिकायत से खुला मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब आठ महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि:
- वरिष्ठ सहकर्मियों ने मानसिक और यौन उत्पीड़न किया
- मानव संसाधन (HR) विभाग ने शिकायतों को नजरअंदाज किया
इन शिकायतों के बाद ही SIT का गठन किया गया और जांच शुरू हुई।
कंपनी ने क्या कहा?
Tata Consultancy Services ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
- कंपनी किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या जबरदस्ती को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करती
- आरोप सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है
टाटा संस चेयरमैन का बयान
Natarajan Chandrasekaran ने इस घटना को “बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक” बताया है।
उन्होंने कहा कि:
- मामले की गहन जांच की जा रही है
- जिम्मेदार लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी
- जांच का नेतृत्व Aarthi Subramanian कर रही हैं
क्या हो सकते हैं बड़े खुलासे?
आरोपियों के बैंक खातों की जांच से यह संकेत मिल रहा है कि मामला सिर्फ यौन उत्पीड़न तक सीमित नहीं हो सकता। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि:
- क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क है?
- क्या आरोपियों को बाहरी फंडिंग मिली?
- क्या धर्म परिवर्तन के लिए कोई सुनियोजित गतिविधि चल रही थी?