Jharkhand Elephant Attack: Car Se Kheenchkar Yuvak Ki Hatya, 20 Logon Ki Jaan Le Chuka Hathi
Jharkhand Elephant Attack News: झारखंड के बोकारो में जंगली हाथी ने युवक को कार से खींचकर कुचल दिया। पश्चिमी सिंहभूम में हाथी के आतंक से लोग छतों पर सोने को मजबूर।
झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र के कंडेर गांव के पास रविवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां जंगली हाथी ने एक युवक को कार से बाहर खींचकर बेरहमी से कुचलकर मार डाला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग रात में घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक की पहचान रविंद्र के रूप में हुई है, जो सब्जी विक्रेता था। वह रोज की तरह रामगढ़ से सब्जी बेचकर ओमनी कार से अपने गांव कंडेर लौट रहा था। सिमराबेड़ा महतो टोला के पास सड़क पर अचानक जंगली हाथियों ने उसकी गाड़ी को घेर लिया। हाथी ने सूंड से युवक को गाड़ी से बाहर खींचा और घसीटते हुए खेत में ले जाकर कुचलकर उसकी जान ले ली।
बताया गया है कि घटना से पहले ग्रामीणों ने रविंद्र को आगे न जाने की सलाह दी थी, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया। हादसे के बाद राहगीरों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में हाथियों का आतंक लंबे समय से जारी है, लेकिन वन विभाग इस पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल साबित हो रहा है।
उधर, झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कई गांवों में हालात और भी भयावह बने हुए हैं। यहां एक हमलावर हाथी से बचने के लिए ग्रामीण छतों पर सोने और रात में पहरा देने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यह हाथी अब तक करीब 20 लोगों की जान ले चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का साया पसरा हुआ है।
हाथी के हमले से सबसे अधिक प्रभावित 13 वर्षीय जयपाल सिंह मेराल है, जिसने हाल ही में इस हमले में अपने लगभग पूरे परिवार को खो दिया। बरबरिया गांव के इस सातवीं कक्षा के छात्र पर इस हादसे का गहरा मानसिक असर पड़ा है। परिजनों के अनुसार, वह सदमे में है, न ठीक से बोल रहा है, न खाना खा रहा है और न ही स्कूल जा पा रहा है। घटना के बाद वह नोआमुंडी ब्लॉक के बरबरिया गांव में अपने मामा के साथ रह रहा है।
मझगांव ब्लॉक के बेनीसागर गांव में खरपोस पंचायत के मुखिया प्रताप चंद्र चट्टार ने बताया कि वन मित्रों से सूचना मिली है कि यह हाथी बेनीसागर और ओडिशा के मयूरभंज जिले के जंगलों के बीच घूम रहा है और कभी भी गांव में घुस सकता है। इसी डर से लोग छतों पर पुआल बिछाकर तिरपाल के नीचे रात गुजार रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से हाथी के आतंक से निजात दिलाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि आगे किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।