शराब घोटाले में केजरीवाल आरोप मुक्त, अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया – न्यायपालिका का सम्मान करें
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए शुक्रवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। दिल्ली की एक अदालत ने कथित आबकारी नीति (शराब नीति) मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया। इस फैसले के बाद उनके पूर्व गुरु और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रणेता अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अन्ना हजारे ने अदालत के फैसले का सम्मान करने की बात कही।
“देश न्यायपालिका के दम पर चलता है” – अन्ना हजारे
अन्ना हजारे ने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश की व्यवस्था का आधार मजबूत न्यायपालिका है। उन्होंने कहा,
“हमारा देश न्यायपालिका के दम पर चलता है। यह देश की सर्वोच्च प्रणाली है। अगर न्यायपालिका मजबूत न हो तो अपराधी हावी हो जाएंगे और अराजकता फैल सकती है। अदालत ने जो फैसला दिया है, उसे स्वीकार करना चाहिए।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में न्यायपालिका के निर्णय का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
पुरानी आलोचना पर दी सफाई
मार्च 2024 में जब अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई थी, तब अन्ना हजारे ने उनकी तीखी आलोचना की थी और इसे जनता के विश्वास के साथ धोखा बताया था।
अब जब अदालत ने आरोपों से मुक्त कर दिया है, तो अन्ना ने कहा,
“उस समय मैंने जो कहा था, वह आरोपों के आधार पर कहा था। तब कोई अंतिम कानूनी निष्कर्ष नहीं निकला था। अब अदालत ने साफ कर दिया है कि उनकी कोई भूमिका नहीं थी, तो हमें इसे स्वीकार करना चाहिए।”
2011 आंदोलन की यादें और अलग रास्ता
अन्ना हजारे ने 2011 के ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन को याद करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया उस आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता थे। उस समय आंदोलन ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाया था।
हालांकि, अन्ना ने दोहराया कि जब आंदोलन ने राजनीतिक रूप लिया और ‘आम आदमी पार्टी’ का गठन हुआ, तब उन्होंने खुद को राजनीति से अलग कर लिया था।
“अब देश के लिए काम करें”
जब उनसे पूछा गया कि वह अब केजरीवाल को क्या सलाह देना चाहेंगे, तो अन्ना ने कहा,
“समाज और देश के लिए काम करें। केवल अपनी पार्टी या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा तक सीमित न रहें।”
उनका यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि वह राजनीति को राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानते हैं।
अदालत ने CBI की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
इस बहुचर्चित मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। अदालत ने कहा कि उसे शराब नीति तैयार करने में किसी व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा के ठोस प्रमाण नहीं मिले।
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने लगभग 155 दिन जेल में बिताए। अब अदालत के फैसले के बाद वह पूरी तरह आरोप मुक्त हो चुके हैं।
इस निर्णय को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी नैतिक और राजनीतिक राहत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह फैसला दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर डालेगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।