लक्ष्मण यादव ने रेवाड़ी की असली नब्ज को पकड़ा, मैट्रो को बनाया बड़ा मुददा

यहां बता दे की दैनिक रणघोष लगातार हर प्लेटफार्म पर मैट्रो परियोजना का मुद्दा उठा रहा है। तब तक यह  आवाज शोर मचाती रहेगी जब तक मैट्रो रेवाड़ी- बावल पूरी तरह से जुड़ ना जाए।


रणघोष अपडेट. रेवाड़ी

  रेवाड़ी विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मण यादव ने अपने राजनीति अनुभव का खाका यहा की जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। उन्होंने सबसे पहले टिकट को लेकर रूठे साथियों को मनाना शुरू कर दिया वही इस शहर की असली नब्ज मैट्रो परियोजना को अपना सबसे बड़ा मुददा बना लिया। शनिवार  शाम को जबरदस्त बारिश के बीच शहर के अनेक सामाजिक संगठनों की अमनगनी परिसर में मीटिंग में लक्ष्मण यादव ने कहा की इस क्षेत्र की तमाम समस्याओं का एक ही तोड़ है वह है मैट्रो परियोजना। जिसे बहुत पहले आ जाना चाहिए था उसे केंद्र सरकार से हमें जल्द से जल्द लाना है। वे पूरे चुनाव में इस परियोजना को सबसे प्रमुखता के साथ रखेंगे। शीर्ष नेताओं एवं हाईकमान को भी अवगत कराएंगे की वे इस क्षेत्र का जीवन बदलने वाली इस परियोजना पर जल्द ही कदम उठाने के लिए सार्वजनिक तौर पर अपनी जिम्मेदारी तय करके जाए। यह केंद्र मंत्रालय से जुड़ा मसला है। पिछली योजना में कोसली विधायक होने के बावजूद भी वे इस परियोजना को लेकर गंभीर रहे हैं। अब पार्टी ने उन्हें  रेवाड़ी  की सेवा करने का अवसर दिया है। वे ओर रेवाड़ी साथ साथ बड़े हुए हैं। 40 सालों से यहा रह रहे हैं। मीटिंग में भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली ने कहा की वे इस मसले पर किसी सूरत में पीछे नही रहेगी। मैट्रो परियोजना को हम प्रथम चरण में अंजाम तक पहुंचाकर रहेंगे। मीटिंग में अमनगनी सोसायटी प्रबंधन समिति के डायरेक्टर त्रिलोक शर्मा ने कहा की यह क्षेत्र हमेशा सकारात्मक सहयोग के साथ अपनी बात को रखता रहा है। यह तो जन प्रतिनिधियों को देखना होगा की 2009 का यह प्रोजेक्ट अभी तक रेवाड़ी की जमीन पर नजर क्यों नही आया है। इस बार अच्छी बात यह है की यहां के जागरूक ओर जिम्मेदार लोग चुनाव में बड़े मसलों पर एकजुट होकर अपनी बात रख रहे हें। यही बेहतर बदलाव का संकेत है। लघु भारती उद्योग के जिला अध्यक्ष एवं सामाजिक शख्सियत संजय डाटा, नांगल तेजू पैंक्स के चेयरमैन सुरेंद्र गुप्ता, नगर पार्षद भूपेंद्र गुप्ता, भाजपा युवा नेता अजय कांटीवाल समेत अनेक गणान्य लोगों ने अपनी बात रखी। यहां बता दे की दैनिक रणघोष लगातार हर प्लेटफार्म पर मैट्रो परियोजना का मुद्दा उठा रहा है। तब तक यह  आवाज शोर मचाती रहेगी जब तक मैट्रो रेवाड़ी- बावल पूरी तरह से जुड़ ना जाए।