लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी के बयान के बाद 8 विपक्षी सांसद निलंबित
नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में लगातार दूसरे दिन भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के संस्मरण का जिक्र किया, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। देखते ही देखते सदन का माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ विपक्षी सांसदों ने विरोध जताते हुए आसन की ओर कागज फेंक दिए। इस घटना को सदन की गरिमा के खिलाफ मानते हुए सरकार ने सख्त रुख अपनाया। संसदीय कार्य मंत्री द्वारा पेश प्रस्ताव को सदन ने मंजूरी दे दी, जिसके बाद संबंधित सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
इन सांसदों पर गिरी गाज
सदन में हंगामा करने और आसन की ओर कागज फेंकने के आरोप में जिन सांसदों को निलंबित किया गया है उनमें हिबी ईडन, अमरेंद्र सिंह, राजा वारिंग, मणिक्कम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला और किरण कुमार रेड्डी शामिल हैं। कुल आठ विपक्षी सांसदों को इस सत्र के बाकी समय के लिए सस्पेंड किया गया है।
चर्चा के बीच बढ़ा राजनीतिक तनाव
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव आमतौर पर सरकार की नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है, लेकिन इस बार बहस के दौरान लगातार हो रहे हंगामे ने राजनीतिक तनाव को उजागर कर दिया है। राहुल गांधी द्वारा जनरल नरवणे के संस्मरण का जिक्र किए जाने पर सत्ता पक्ष ने इसे अनुचित बताते हुए विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
संसद की कार्यवाही पर असर
लगातार हो रहे शोर-शराबे और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। संसदीय परंपराओं और अनुशासन को बनाए रखने के लिए स्पीकर ने कड़ा कदम उठाते हुए निलंबन की कार्रवाई को मंजूरी दी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटना से संसद के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है।
आगे क्या?
सत्र के बाकी दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध कम होता है या टकराव और बढ़ता है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा अभी जारी है और आने वाले दिनों में संसद का माहौल राजनीतिक रूप से और गर्म रहने की संभावना है।