लोकसभा में हंगामा, PM मोदी का तय भाषण भी टला; राहुल गांधी को लेकर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने

Lok Sabha में भारी हंगामे के कारण PM Narendra Modi का तय भाषण टल गया। Rahul Gandhi को बोलने देने को लेकर सत्ता और विपक्ष में टकराव तेज, जानिए पूरा घटनाक्रम।

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हंगामे की भेंट चढ़ा पीएम मोदी का भाषण, दिनभर के लिए स्थगित हुई लोकसभा

नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला, जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तय संबोधन भी नहीं हो सका। शाम 5 बजे प्रधानमंत्री को जवाब देना था, लेकिन विपक्षी सदस्यों के विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित होने के बाद पूरे दिन के लिए रोक दी गई।

विपक्ष ने साफ कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाएगा तो प्रधानमंत्री को भी भाषण नहीं देने दिया जाएगा। ऐसे संकेत हैं कि गुरुवार को भी संसद में जोरदार टकराव देखने को मिल सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री अगले दिन सदन को संबोधित करेंगे या नहीं।

तख्तियां लेकर वेल में पहुंचे विपक्षी सांसद

दिन में तीन बार स्थगन के बाद जब शाम को सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो विपक्षी सांसद तख्तियां लेकर वेल में पहुंच गए और जोरदार हंगामा करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।

तीन दिनों से जारी है गतिरोध

लोकसभा में पिछले तीन दिनों से लगातार गतिरोध बना हुआ है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को डोकलाम मुद्दे पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के संस्मरण का उल्लेख करना चाहा। सत्ता पक्ष ने अप्रकाशित किताब का हवाला देने पर आपत्ति जताई और आसन ने भी इसकी अनुमति नहीं दी।

इसके बाद से राहुल गांधी अपने रुख पर कायम हैं, जबकि विपक्षी दलों के कई सांसदों ने उनके समर्थन में चर्चा में भाग लेने से परहेज किया। यही टकराव अब बड़े संसदीय संकट का रूप लेता नजर आ रहा है।

निशिकांत दुबे के पलटवार से और बिगड़े हालात

बुधवार को हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पलटवार करते हुए सदन में किताबें दिखाईं। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने कागज के टुकड़े फेंकते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

लगातार हंगामे के चलते पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने पहले कार्यवाही शाम 5 बजे तक स्थगित की और बाद में पूरे दिन के लिए रोकने का फैसला लिया।

गुरुवार को फिर हो सकता है टकराव

संसद में मौजूदा स्थिति को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि गुरुवार को भी सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रह सकती है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा बाधित होना सरकार और विपक्ष दोनों के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या गतिरोध खत्म होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में अपना संबोधन दे पाएंगे या फिर संसद का कामकाज हंगामे की भेंट चढ़ता रहेगा।