LPG संकट पर PM मोदी की हाईलेवल मीटिंग, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी चिंता

LPG संकट पर PM मोदी की हाईलेवल मीटिंग, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी चिंता

मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच भारत में एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत को लेकर सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर एक हाईलेवल बैठक की, जिसमें पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद रहे।

दरअसल, ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद हालात बिगड़ गए हैं और ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल और गैस की सप्लाई को बाधित कर दिया है। इसका असर भारत समेत कई एशियाई देशों पर पड़ रहा है।

सरकार ने लागू किया ESMA

देश में एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) लागू कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित न हो

सरकार ने इसके तहत सप्लाई का वर्गीकरण कर दिया है ताकि प्राथमिकता घरेलू जरूरतों को दी जा सके।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता

सरकार का फिलहाल मुख्य फोकस यह है कि घरों में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की कमी न हो। इसके लिए कुछ अहम फैसले लिए गए हैं:

  • औद्योगिक इकाइयों को गैस सप्लाई कम कर दी गई है

  • कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति घटाई गई है

  • घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है

हालांकि इस फैसले का असर होटल और रेस्तरां उद्योग पर पड़ रहा है, क्योंकि वे मुख्य रूप से कॉमर्शियल सिलेंडरों पर निर्भर होते हैं। होटल इंडस्ट्री ने इस पर चिंता भी जताई है कि इससे उनके कामकाज पर असर पड़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से आती है अधिकतर सप्लाई

भारत की ऊर्जा सुरक्षा काफी हद तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से तेल और गैस की बड़ी मात्रा गुजरती है।

भारत की स्थिति इस मामले में काफी संवेदनशील है:

  • भारत अपनी 62% एलपीजी जरूरत आयात करता है

  • तेल के मामले में आयात पर निर्भरता लगभग 85% है

  • गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा सऊदी अरब से आता है

और इन सभी की सप्लाई मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही होती है।

अगले कुछ दिन बेहद अहम

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य ज्यादा दिनों तक बंद रहता है तो भारत में एलपीजी और तेल का संकट और गहरा सकता है

भारत में अब बड़ी संख्या में घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी का इस्तेमाल होता है। पिछले दो दशकों में गैस उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है, इसलिए सप्लाई बाधित होने पर इसका असर सीधे आम जनता पर पड़ सकता है।

भारत में एलपीजी की खपत

आंकड़ों के अनुसार भारत में हर साल लगभग 31.3 मिलियन टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें:

  • 87% एलपीजी घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल की जाती है

  • लगभग 13% गैस उद्योग, होटल और रेस्तरां में उपयोग होती है

इसी कारण सरकार ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए सप्लाई का पुनर्वितरण शुरू कर दिया है।

सरकार तलाश रही वैकल्पिक रास्ते

सरकार अब गैस और तेल की सप्लाई के वैकल्पिक रास्तों और स्रोतों की तलाश कर रही है ताकि संकट को कम किया जा सके। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और कूटनीतिक प्रयास यह तय करेंगे कि यह संकट कितना लंबा चलता है।