मेटाबॉलिज्म तेज करना है तो अपनाएं ये 8 आदतें, वजन घटाने में मिलेगी मदद

वजन कम करने की कोशिश में मेटाबॉलिज्म यानी चयापचय की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। शरीर भोजन से मिलने वाली ऊर्जा का इस्तेमाल कैसे करता है और आराम की स्थिति में कितनी ऊर्जा खर्च करता है, इसमें मेटाबॉलिज्म की अहम भूमिका होती है। हालांकि, सिर्फ मेटाबॉलिज्म तेज करने से ही वजन कम नहीं होता। खान-पान, शारीरिक गतिविधि, नींद और कुल कैलोरी सेवन भी वजन घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर आपको अपने मेटाबॉलिज्म और फिटनेस को बेहतर बनाए रखना है तो रोजमर्रा की इन 8 आदतों पर ध्यान दिया जा सकता है।

शरीर को ज्यादा सक्रिय रखें

दिनभर बैठे रहने की आदत शरीर की कुल गतिविधि को कम कर देती है। इसलिए कोशिश करें कि लंबे समय तक लगातार न बैठें। बीच-बीच में उठकर चलना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना, घर के सामान्य काम करना और रोजाना पैदल चलना शरीर को सक्रिय रखने के आसान तरीके हैं।

रोजाना की छोटी-छोटी गतिविधियां भी पूरे दिन में ऊर्जा खर्च बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। वजन घटाने के लिए सिर्फ व्यायाम के एक घंटे पर निर्भर रहने के बजाय पूरे दिन सक्रिय रहना अधिक फायदेमंद हो सकता है।

हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करें

अगर शरीर को व्यायाम का आदी बनाया जा चुका है तो हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग यानी एचआईआईटी को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। इसमें कम समय के लिए ज्यादा तीव्रता वाली गतिविधियां की जाती हैं और उनके बीच आराम या हल्की गतिविधि रखी जाती है।

ऐसे व्यायाम से ऊर्जा खर्च बढ़ता है और व्यायाम के बाद भी कुछ समय तक शरीर की ऊर्जा खपत सामान्य स्थिति से अधिक रह सकती है। हालांकि शुरुआती लोगों को सीधे बहुत ज्यादा तीव्र व्यायाम करने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार शुरुआत करनी चाहिए।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को नजरअंदाज न करें

वजन कम करने के दौरान केवल कार्डियो या पैदल चलने पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी महत्वपूर्ण है। वजन उठाने वाली कसरत और शरीर के वजन से किए जाने वाले व्यायाम मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं।

वजन घटाते समय मांसपेशियों को बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। इसलिए सप्ताह में कुछ दिन अपनी क्षमता के अनुसार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को शामिल किया जा सकता है।

खाने में प्रोटीन की मात्रा पर ध्यान दें

प्रोटीन को पचाने में शरीर को कार्बोहाइड्रेट और वसा की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। इसके अलावा पर्याप्त प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखने और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है।

दाल, चना, राजमा, पनीर, दही, दूध, सोया और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है। हालांकि प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, वजन, गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।

बहुत कम खाना वजन घटाने का सही तरीका नहीं

वजन घटाने के लिए भोजन की मात्रा अचानक बहुत कम कर देना सही रणनीति नहीं है। लंबे समय तक अत्यधिक कम कैलोरी लेने से शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और कमजोरी, मांसपेशियों में कमी तथा अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

इसलिए क्रैश डाइट के बजाय ऐसा संतुलित आहार लेना बेहतर है जिसमें पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, सब्जियां, फल और जरूरी पोषक तत्व शामिल हों। बहुत कम कैलोरी वाली डाइट डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं अपनानी चाहिए।

पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए ठंडे पानी से पूरी तरह बचने की जरूरत नहीं है। सामान्य तापमान या ठंडा पानी पीना अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए सुरक्षित है। पानी पर्याप्त मात्रा में पीना शरीर के सामान्य कामकाज और हाइड्रेशन के लिए जरूरी है।

गुनगुना पानी पीने से वजन तेजी से कम होता है, ऐसा मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए पानी के तापमान के बजाय पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

कॉफी सीमित मात्रा में ले सकते हैं

कॉफी में मौजूद कैफीन थोड़े समय के लिए ऊर्जा खर्च और मेटाबॉलिक रेट को बढ़ा सकता है। इसी वजह से बिना ज्यादा चीनी और क्रीम वाली कॉफी वजन घटाने की योजना में शामिल की जा सकती है।

हालांकि इसका असर अस्थायी होता है और ज्यादा कॉफी पीना वजन घटाने का विकल्प नहीं है। अधिक कैफीन से नींद खराब होना, बेचैनी या दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अपनी सहनशीलता के अनुसार सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें।

पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी

वजन घटाने की कोशिश में नींद को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। पर्याप्त नींद भूख और तृप्ति से जुड़े हार्मोन तथा खान-पान के व्यवहार को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।

अधिकांश वयस्कों के लिए नियमित रूप से करीब 7 से 9 घंटे की नींद लेना अच्छा लक्ष्य माना जाता है। लगातार नींद की कमी होने पर भूख बढ़ सकती है, थकान के कारण शारीरिक गतिविधि कम हो सकती है और वजन नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।

मेटाबॉलिज्म के साथ इन चीजों पर भी दें ध्यान

मेटाबॉलिज्म को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि इसे अचानक कई गुना तेज करने का कोई जादुई तरीका नहीं है। उम्र, शरीर की संरचना, आनुवंशिकता, हार्मोन और शारीरिक गतिविधि जैसे कई कारक मेटाबॉलिक रेट को प्रभावित करते हैं।

अगर वजन घटाना लक्ष्य है तो नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर वाला संतुलित आहार, अच्छी नींद और नियंत्रित कैलोरी सेवन पर ध्यान देना ज्यादा प्रभावी तरीका है। लगातार वजन बढ़ रहा हो, बहुत ज्यादा थकान रहती हो या वजन घटाने में लंबे समय से परेशानी हो रही हो तो डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

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