इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए दाखिले की रेस एंट्रेंस एग्जाम से नहीं बल्कि उससे कहीं ज्यादा पहले नीट और जेईई मेन की कोचिंग क्लास से ही शुरू हो जाती है। लेकिन मोटे तौर पर नीट और जेईई मेन की अच्छी कोचिंग तक पहुंच दो बात पर निर्भर करती है – पहला यह कि छात्र कहां रह रहा है और दूसरा कि परिवार की आर्थिक स्थिति कैसी है। छात्रों के बीच इस फासले को कम करने के लिए केंद्र सरकार नीट NEET और JEE के लिए मुफ्त कोचिंग नेटवर्क तैयार कर रही है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और क्वालिटी कोचिंग से वंचित क्षेत्रों के छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। दूर दराज के क्षेत्रों में रहने के कारण जिन्हें अच्छी कोचिंग नहीं मिल पाती, उन्हें मोदी सरकार की इस पहल से काफी लाभ होने वाला है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के दौरान लाल किले की प्राचीर से नीट जेईई मेन फ्री कोचिंग समेत युवाओं से जुड़े कई ऐलान किए थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक सरकार इन योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इनमें से कुछ योजनाएं 2 अक्टूबर से शुरू की जा सकती हैं। मुफ्त कोचिंग के लिए संबंधित मंत्रालयों ने क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है।
AI और टेक्नोलॉजी से तैयार होगा प्लेटफॉर्म
मुफ्त कोचिंग के लिए टेक्नोलॉजी और AI आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), कौशल विकास मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय मिलकर विकसित करेंगे। MeitY और कौशल विकास मंत्रालय प्लेटफॉर्म तैयार करेंगे, जबकि शिक्षा मंत्रालय स्कूलों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों के शिक्षण संसाधनों को जोड़कर अकादमिक सहयोग देगा।
सिर्फ ऑनलाइन कोचिंग तक सीमित नहीं होगा नेटवर्क
अधिकारियों के मुताबिक यह व्यवस्था केवल ऑनलाइन कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी। बाद के चरणों में ऑफलाइन और कंप्यूटर आधारित पढ़ाई की सुविधा भी उपलब्ध कराने का प्रावधान होगा, खासकर उन इलाकों में जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है।
आगे यूनिवर्सिटी और भर्ती परीक्षाएं की भी इससे तैयारी की जाएगी
सरकार की योजना आगे चलकर इस नेटवर्क में विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं को भी शामिल करने की है। इसका मकसद उन छात्रों के बीच अंतर कम करना है, जो महंगी कोचिंग का खर्च उठा सकते हैं और वे छात्र जो स्कूल, सेल्फ-स्टडी या स्थानीय संसाधनों पर निर्भर रहते हैं।
कोचिंग के लिए पहले से चल रही है SATHEE योजना
सरकार का पायलट प्रोजेक्ट साथी पहले ही सफल हो चुका है और इसमें 21 लाख से अधिक बच्चे मुफ्त कोचिंग ले चुके हैं। इन बच्चों ने आईआईटी, एम्स समेत दिग्गज संस्थानों के विशेषज्ञों से ऑनलाइन जेईई, नीट, सीयूईटी, बैंक, एसएससी, क्लैट, बोर्ड परीक्षाओं की 13 भारतीय भाषाओं में कोचिंग ली है। तैयारी के बाद सेल्फ अससमेंट का मौका भी मिलता है। पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर समेत सात राज्य साथी पोर्टल से जुड़ चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, दिल्ली, झारखंड समेत अन्य राज्य जल्द जुड़ेंगे। आईआईटी और एम्स के सीनियर छात्र मेंटर बनकर तैयारी में मदद करेंगे। कोई भी लाइव सत्र में व्यक्तिगत मार्गदर्शन के साथ सलाह ले सकता है। साथी पोर्टल पर कक्षा 11वीं व 12वीं के लिए विशेषज्ञों ने मॉक टेस्ट तैयार किए हैं। क्यूआर कोड स्कैनिंग आधारित इंटरैक्शन एप तैयार किया है।