राजपाल यादव की मुश्किल घड़ी में बच्चों ने दिखाई दरियादिली, अब नाराजगी पर एक्टर का जवाब
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव जब जेल में थे, तब उनकी मदद के लिए कई हाथ आगे आए। फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के अलावा उत्तर प्रदेश के एक गुरुकुल के छात्रों ने भी उनके लिए चंदा इकट्ठा किया। अब वही बच्चे इस बात से निराश हैं कि मदद भेजने के बाद भी राजपाल यादव ने उनसे मुलाकात नहीं की और न ही उनके पत्र का जवाब दिया।
हालांकि अब राजपाल यादव ने छात्रों की नाराजगी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और जल्द मिलने का वादा किया है।
40 छात्रों ने पॉकेट मनी से भरी गुल्लक
राजपाल यादव ने लोन और चेक बाउंस मामले में 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। बाद में उन्हें अंतरिम जमानत मिली, लेकिन केस की सुनवाई जारी है। जेल जाने से पहले उनका एक इमोशनल वीडियो मैसेज वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने आर्थिक तंगी का जिक्र किया था।
इसी वीडियो से प्रभावित होकर यूपी के गुरुकुल सेवा ट्रस्ट से जुड़े 40 छात्रों ने अपनी पॉकेट मनी बचाकर एक गुल्लक भरी। 21 फरवरी को यह राशि राजपाल यादव के गांव के पते पर भेजी गई।
बच्चों ने इस रकम के साथ एक भावनात्मक पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने एक्टर के प्रति अपना समर्थन जताया और जेल से छूटने के बाद मिलने की इच्छा व्यक्त की।
जवाब न मिलने से आहत हुए बच्चे
हाल ही में बच्चों का 29 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे राजपाल यादव से सवाल करते नजर आए। वीडियो में बच्चे कहते हैं:
“नमस्ते राजपाल भैया, हमने सुना है कि आप जेल से छूटकर घर आ गए हैं। आपको बधाई हो। हम सब आपसे मिलना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि हमने जो मदद भेजी थी, आपको मिली या नहीं। अगर मिल गई है तो आपने हमारे लेटर का जवाब क्यों नहीं दिया? हम आपसे नाराज हैं।”
बच्चों ने यह भी कहा कि भले ही एक्टर व्यस्त हों, लेकिन कम से कम फोन पर बात करके उन्हें तसल्ली दे सकते थे।
बच्चों की शिकायत पर क्या बोले राजपाल यादव?
राजपाल यादव ने पीटीआई से बातचीत में इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह हाल ही में घर लौटे हैं और अभी तक परिवार के साथ भी ठीक से समय नहीं बिता पाए हैं।
उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने उनकी मदद की है, वह उन सभी की डिटेल्स इकट्ठा कर रहे हैं। बच्चों से मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा:
“मुझे पता चला कि वे अनाथालय से हैं। मुझे लगता है कि अगर बच्चों का एक आश्रम है तो वे अनाथ नहीं हैं।”
जब उन्हें बताया गया कि बच्चे गुरुकुल स्कूल के हैं, तो राजपाल ने कहा:
“मैं गुरु परंपरा में विश्वास करता हूं और वे सारे बच्चे मेरे हैं। मैं उनसे जरूर मिलूंगा, उन्हें गले लगाऊंगा और साथ में तस्वीरें भी खिंचवाऊंगा।”
ट्रस्ट चेयरमैन ने दी अतिरिक्त जानकारी
गुरुकुल सेवा ट्रस्ट स्कूल के चेयरमैन कुमार सागर ने बताया कि बच्चों द्वारा इकट्ठा किए गए चंदे के अलावा कुछ अतिरिक्त राशि भी जोड़ी गई थी। उनका कहना है कि बच्चों ने यह कदम पूरी संवेदनशीलता और स्नेह के साथ उठाया था।
भावनात्मक जुड़ाव बना चर्चा का विषय
यह पूरा मामला केवल आर्थिक मदद का नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का है। बच्चों ने अपने जेब खर्च से चंदा भेजकर जिस तरह का समर्थन दिखाया, उसने लोगों का ध्यान खींचा। वहीं, जवाब न मिलने से उनकी निराशा भी स्वाभाविक मानी जा रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि राजपाल यादव कब गुरुकुल के छात्रों से मिलते हैं और यह मुलाकात किस तरह की रहती है।
निष्कर्ष
राजपाल यादव के कठिन समय में बच्चों का समर्थन एक भावनात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है। अब एक्टर ने स्वयं आगे आकर मिलने और आभार जताने का वादा किया है। आने वाले दिनों में यह मुलाकात होती है या नहीं, इस पर सबकी नजर बनी रहेगी।