Ranghosh Khas: पुलिसवाले की बेटी कैसे बन गई ‘मोस्ट वांटेड’?

जानें अतीक अहमद के गैंग कीगॉड मदरशाइस्ता परवीन की कुंडली


माफिया से नेता बने अतीक अहमद, जिसकी 15 अप्रैल की रात पुलिस हिरासत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, उसकी 51 वर्षीय पत्नी शाइस्ता परवीन अब यूपी पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में है. अतीक के अपराध की दुनिया की महारानी के बारे में कोई भी जानकारी देने वाले को 50,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है. केवल दो दिनों के अंतराल में शाइस्ता ने अपने बेटे असद और पति अतीक को खो दिया.

असद के 13 अप्रैल को पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के 2 दिन बाद प्रयागराज में मोती लाल नेहरू डिवीजनल हॉस्पिटल (कॉल्विन हॉस्पिटल) के बाहर मेडिकल के लिए ले जाते वक्त अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गोली मार दी गई थी. कयास लगाए जा रहे थे कि शाइस्ता परवीन अतीक के अंतिम संस्कार में सरेंडर कर देगी, लेकिन वह अब भी फरार है. आइए जानते हैं कौन है शाइस्ता परवीन? और वह कैसे बनी अतीक अहमद के गैंग की महारानी?

शाइस्ता परवीन के पिता पुलिस में थे. वर्ष 1996 में अतीक अहमद से शादी होने से पहले शाइस्ता की दुनिया बिल्कुल अलग थी. उसने 12वीं तक पढ़ाई की है. अतीक की पत्नी बनने से पहले उसका किसी भी अवैध गतिविधियों से कोई संबंध नहीं था.

वर्तमान में उसके नाम पर प्रयागराज में 4 मामले दर्ज हैं- 3 धोखाधड़ी के और 1 हत्या का. पहले 3 मामले 2009 में कर्नलगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए थे. भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 467 (मूल्यवान सुरक्षा या वसीयत की जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 (लाइसेंस या नियम का उल्लंघन) के ​अलावा 471 (जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करना) जैसे मामले दर्ज हैं.

मर्डर का केस उमेश पाल हत्याकांड के बाद दर्ज हुआ है. शाइस्ता उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में से एक है. शाइस्ता 2021 में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से जुड़ी. जनवरी 2023 में वह बसपा में शामिल हो गई. जब शाइस्ता बसपा में शामिल हुई तो उसने कहा था, ‘सपा सुप्रीमो (मुलायम सिंह यादव) से दोस्ती के कारण मेरे पति (अतीक) अनुशासन नहीं सीख पाए. मेरे पति हमेशा बसपा को पसंद करते थे और पहले भी बसपा के शीर्ष नेताओं की मदद करते थे.’

हालांकि, मायावती ने उमेश पाल हत्याकांड में नाम आने के बाद मेयर चुनाव में शाइस्ता परवीन को प्रयागराज से मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया. पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि शाइस्ता परवीन उमेश पाल की हत्या की योजना बनाने और उसे अंजाम देने का हिस्सा थी. जब अतीक अहमद जेल में था, शाइस्ता ने उसके सिंडिकेट को चलाने में सक्रिय भूमिका निभाई.

शाइस्ता परवीन गैंग में गॉड मदर के तौर पर जानी जाती है. अतीक के एक रिश्तेदार मोहम्मद जीशान ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है. एफआईआर के मुताबिक अतीक ने एक बार अपने बेटे अली को 25 बंदूकबाजों के साथ जीशान के पास भेजा और उससे कहा कि वह अपनी जमीन शाइस्ता के नाम कर दे और ₹5 करोड़ रंगदारी भी मांगी.

अतीक की मौत के बाद शाइस्ता परवीन द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा गया एक कथित पत्र सामने आया है. पत्र में उसने लिखा है कि उमेश पाल हत्याकांड में अतीक, अशरफ को झूठा फंसाया जा रहा है. शाइस्ता ने आरोप लगाया कि मंत्री नंद गोपाल गुप्ता उमेश पाल की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता थे. यह पत्र 27 फरवरी को लिखा गया था. उसने पत्र में लिखा है, ‘अगर आप (सीएम आदित्यनाथ) हस्तक्षेप नहीं करते हैं, तो मेरे पति, देवर और बेटों को मार दिया जाएगा.’

जैसा कि पुलिस शाइस्ता परवीन को ढूंढ रही है, रिपोर्टों में कहा गया है कि उसे फिलहाल खोज पाना मुश्किल काम हो सकता है. क्योंकि शाइस्ता अपने पति अतीक अहमद की मृत्यु के बाद इद्दाह की रस्म का पालन कर रही होगी, इस दौरान उससे किसी को भी मिलने की अनुमति नहीं होगी. ऐसे में उसके ठिकाने का पता लगापा मुश्किल काम हो सकता है. पुलिस को शक था कि वह अपने बेटे असद के जनाजे में बुर्का पहनकर चोरी-छिपे आ सकती है, लेकिन वह नहीं आई.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *