संसद भवन की नई बिल्डिंग शशि थरूर को नहीं आई पसंद, देखकर गिना दी खामियां

कांग्रेस सांसद शशि थरूर को नए संसद भवन का डिजाइन पसंद नहीं आ रहा है। शशि थरूर ने हाल ही में देश के नए संसद भवन की बनावट और डिजाइन की आलोचना की है। उन्होंने नए संसद भवन को ‘बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर’ भी कहा है। शशि थरूर ने कहा है कि नए संसद भवन की संरचना आज की राजनीति में बढ़ती दूरियों को दिखाती है।

थरूर यहां पत्रकार और लेखिका शोभना के नायर की किताब ‘हाउसिंग द रिपब्लिक: ए बायोग्राफी ऑफ द इंडियन पार्लियामेंट’ के विमोचन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान तिरुवनंतपुरम से चार बार के सांसद थरूर ने नए और पुराने संसद भवन की तुलना की। उन्होंने कहा कि पुराने संसद भवन की कमरों की बनावट में एक तरह का अपनापन और आराम था, जो अब नहीं है।

न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक थरूर ने कार्यक्रम में कहा कि नए संसद भवन की ऊंची छत, आकार और सीटों की व्यवस्था सांसदों के बीच अपनापन खत्म कर देती है। उन्होंने कहा, “नया संसद भवन एक बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर जैसा लगता है। इसकी इतनी ऊंची छत किसी भी तरह की आत्मीयता खत्म कर देती है। पुराने सदन में एक अपनापन था। यह बातचीत को बढ़ावा देता था।” थरूर ने कहा कि संसद भवन में बैठने की नई व्यवस्था सांसदों के बीच दूरी पैदा करती है और यह आज की राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण का प्रतीक भी लगती है।

सेंट्रल हॉल नहीं होने पर भी उठाया सवाल

थरूर ने नए संसद भवन में सेंट्रल हॉल नहीं होने पर भी आपत्ति जताई। उनके मुताबिक पुराने संसद भवन का सेंट्रल हॉल मौजूदा और पूर्व सांसदों, पत्रकारों और अन्य लोगों के बीच अनौपचारिक बातचीत के लिए एक अच्छी जगह थी। हालांकि उन्होंने कहा कि अब ऐसी बातचीत और दोस्ती और सौहार्द के मौके कम हो गए हैं।

850 सांसदों के प्रस्ताव पर क्या बोले?

अपने संबोधन में शशि थरूर ने लोकसभा के सांसदों की संख्या 850 किए जाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नया संसद भवन इतनी बड़ी संख्या में सांसदों को बैठाने में सक्षम है, लेकिन इससे सार्थक बहस और चर्चा कमजोर पड़ सकती है। उनके मुताबिक इतने बड़े सदन में सांसद एक-दूसरे के लिए अजनबी बन सकते हैं और सिर्फ तालियां बजाने तक सीमित रह जाएंगे।

एक बात की तारीफ भी की

हालांकि थरूर ने नए संसद भवन की एक सुविधा की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि पुराने भवन में सांसदों को अपनी सीट तक पहुंचने के लिए एक-दूसरे के बीच से निकलना पड़ता था, जबकि नए भवन में यह समस्या नहीं है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में नए संसद भवन का उद्घाटन किया था। नया चार मंजिला संसद भवन पुराने संसद भवन के सामने बनाया गया है और इसमें कई आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। वहीं भविष्य में सांसदों की संख्या बढ़ने की स्थिति को देखते हुए सीटों की संख्या भी बढ़ाए जाने की सुविधा है।

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