सरकारी खजाने में आए ₹19.68 लाख करोड़
इकोनॉमी के मोर्चे पर अच्छी खबर है. दरअसल, टैक्स कलेक्शन में तेजी आई है. देश में ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (Direct Tax Collections) बीते वित्त वर्ष 2022-23 में 173 फीसदी उछलकर 19.68 करोड़ रुपये से अधिक रहा.
टैक्स वापसी के एडजस्टमेंट के बाद शुद्ध रूप से डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन वित्त वर्ष 2013-14 से 2022-23 के दौरान 160 फीसदी बढ़कर 16.61 लाख करोड़ रुपये रहा. केंद्रीय प्रत्यदक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 2021-22 के लिए अपडेट आंकड़े जारी किए हैं. साथ ही 2022-23 के लिए अस्थायी आंकड़े दिए हैं.
जीडीपी में बदलाव के संदर्भ में डायरेक्ट टैक्स रेवेन्यू में वृद्धि वित्त वर्ष 2021-22 में 2.52 फीसदी रही. यह पिछले 15 साल में सर्वाधिक है. डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन जीडीपी के अनुपात में 2013-14 के 5.62 प्रतिशत से बढ़कर 2021-22 में 5.97 फीसदी रहा. सीबीडीटी ने कहा कि टैक्स कलेक्शन लागत वित्त वर्ष 2013-14 में 0.57 फीसदी थी जो घटकर 2021-22 में 0.53 फीसदी रही.
GST Collection: मार्च में जीएसटी कलेक्शन 13% बढ़ा
बता दें कि कुछ दिन पहले सरकार ने जीएसटी कलेक्शन का डेटा भी जारी किया था. वित्त मंत्रालय के मुताबिक, मार्च 2023 में देश का जीएसटी कलेक्शन 13 फीसदी बढ़कर 1.60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है. जीएसटी कलेक्शन के लिहाज से बीते वित्त वर्ष (2022-23) का आखिरी महीना काफी शानदार रहा है. यह जीएसटी के इतिहास का अब तक का दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन है.