मीट खाने वाले हो जाएं सावधान!

दिमाग में जा सकता है चलने वाला कीड़ा, स्किन में दिखेगा आरपार


कैसा लगेगा जब आपको यह पता चले कि आपके दिमाग के अंदर एक कीड़ा घूम रहा है. साथ ही जब वह कीड़ा आपकी त्वचा के आर पार देखा जा सकता हो. टाइम्स नाउ की एक खबर के अनुसार वियतनामी महिला के मस्तिष्क के अंदर परजीवी कीड़े (Parasitic Worm inside body)पाए गए हैं जो हाथों की त्वचा के नीचे घूमते हुए देखे गए. इस चौंकाने वाली तस्वीर में त्वचा के नीचे कीड़ों को चलते देखा जा सकता है. वहीं डॉक्टरों का कहना है कि वे इस स्थिति से चकित हैं और उन्हें अभी तक संक्रमण का कारण नहीं पता है.
हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि ये कीड़े दूषित कच्चा या अधपका मांस (undercooked meat) खाने से दाखिल हुए थे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मरीज ने एक स्थानीय व्यंजन खाया, जिसे टिट कान्ह के नाम से जाना जाता है, जिसे ब्लड सूप (Blood Soup) के रूप में भी जाना जाता है. यह एक पारंपरिक वियतनामी व्यंजन है, जो पके हुए मांस के साथ मिश्रित जानवरों के ताजा रक्त से बनाया जाता है. उसके कुछ ही समय बाद, उसे अत्यधिक सिरदर्द और चक्कर आने लगे, बेहोशी आने लगी.
हालांकि, संक्रमण के इलाज के लिए निर्धारित दवा के बाद महिला को अब अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. डॉक्टरों ने कहा कि वह शायद टीनिया सोलियम संक्रमण से पीड़ित थी, जिसके परिणामस्वरूप पक्षाघात या मृत्यु हो सकती थी.
टीनिया सोलियम संक्रमण क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कीड़ा या उसके अंडे ले जाने वाले कच्चे या अधपके सूअर के मांस को खाने के बाद मनुष्य पोर्क टेपवर्म के संपर्क में आता है, जिसे वैज्ञानिक रूप से टीनिया सोलियम (Taenia Solium Infection) के रूप में जाना जाता है. संक्रमण का कारण बनने वाले टेपवर्म दुनिया भर में पाए जाते हैं और कहा जाता है कि वे सालाना 2.5 मिलियन लोगों को प्रभावित करते हैं. रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के अनुसार, संक्रमण विकसित होने में 8-14 सप्ताह लग सकते हैं.
सीडीसी का कहना है कि अमेरिका में हर साल संभवत: 1,000 से कम नए मामले सामने आते हैं. हालांकि, जो लोग उन क्षेत्रों की यात्रा करते हैं जहां टेनिआसिस अधिक आम है, उनमें इस बीमारी के होने का खतरा होता है. डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण उन लोगों में विकसित होने की संभावना है, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है और संक्रमण से लड़ने में सक्षम नहीं हैं. HIV ऐड्स डायबिटीज और कैंसर से पीड़ित मरीज इस बीमारी की चपेट में आसानी से आ सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *