इस सीट पर मिजाज कुछ अलग ही नजर आ रहा है..

बावल में कांग्रेस एकजुट हो रही है, भाजपा बिखर रही


रणघोष खास. बावल से ग्राउंड रिपोर्ट

आरक्षित बावल विधानसभा सीट पर चुनाव का मिजाज मौजूदा हालात में कांग्रेस को एकजुट कर रहा है जबकि भाजपा अंदरखाने अभी तक बिखरी हुई है। जिन कांग्रेसियों को टिकट नही मिली वे अपने प्रत्याशी डॉ. एमएल रंगा के साथ खुलकर नजर आ रहे हैं जबकि भाजपा में ठहराव की स्थिति है। नामाकंन के समय यहां से दो बार विधायक और कैबिनेट मंत्री रहे डॉ. बनवारीलाल मौजूद नही थे। इस सीट के अन्य मजबूत दावेदार और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बेहद करीबी भरत सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए। अन्य भाजपा दावेदार भी उम्मीदवार डॉ. कृष्ण कुमार के  साथ उस तरह नजर नही आ रहे जिस तरह कांग्रेस में यह रौनक दिख रही है। इस सीट पर भाजपा हाईकमान ने  राव इंद्रजीत के कहने पर टिकट दी है। भाजपा उम्मीदवार के लिए सबसे बड़ी चुनौती अचानक सरकारी सेवाओं को छोड़कर  राजनीति में आना है। उनका होमवर्क जीरो है। वे भाजपा प्रबंधन  ओर राव के आशीर्वाद से आगे बढ़ रहे हैं जो मौजूदा बचे 20 दिनों में आसान नजर नही आ रहा है। सबसे बड़ी बात किसी भी राजनीतिक दल की कोई हवा या लहर नही है जिसके सहारे किसी उम्मीदवार की नैया पार लग जाए। यहा जमीनी हैसियत वाले उम्मीदवार चुनाव में ज्यादा मजबूत दिख रहे हैं। इस आधार पर कांग्रेस से डॉ. एमएल रंगा फिलहाल आगे दिख रहे हैं। आने वाले दिनों में क्या स्थिति होगी यह समय बताएगा। राजनीति में किसी भी समय कुछ भी हो सकता है।