बंगाल चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक झटका, मुख्य सचिव समेत टॉप अधिकारियों को हटाने पर भड़की TMC, राज्यसभा से वॉकआउट

बंगाल चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक झटका, मुख्य सचिव समेत टॉप अधिकारियों को हटाने पर भड़की TMC, राज्यसभा से वॉकआउट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को हटाए जाने के फैसले पर संसद में भी राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। सोमवार को All India Trinamool Congress (TMC) के सांसदों ने इस फैसले के विरोध में Rajya Sabha से वॉकआउट कर दिया।

टीएमसी का आरोप है कि चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद अधिकारियों को हटाने का फैसला केंद्र सरकार की मनमानी है और इससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

डेरेक ओ ब्रायन ने उठाया मुद्दा

सदन में शून्यकाल शुरू होते ही टीएमसी सांसद Derek O’Brien ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि Election Commission of India ने देर रात पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और गृह सचिव को उनके पद से हटा दिया।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस फैसले का कड़ा विरोध करती है। इसी के विरोध में टीएमसी सांसदों ने पूरे दिन के लिए सदन से बहिर्गमन करने का फैसला किया।

किरेन रिजिजू ने किया पलटवार

टीएमसी के आरोपों पर सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसके फैसलों से केंद्र सरकार का कोई लेना-देना नहीं है।

रिजिजू ने कहा कि संविधान में आयोग को स्वतंत्र रूप से चुनाव प्रक्रिया संचालित करने का अधिकार दिया गया है और इस तरह के मुद्दे को संसद में उठाना समय की बर्बादी है। उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव समेत कई अधिकारियों का तबादला

चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के कुछ ही घंटों बाद निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के कई शीर्ष अधिकारियों को पद से हटा दिया था। इनमें राज्य की मुख्य सचिव Nandini Chakraborty भी शामिल हैं।

आयोग ने 1993 बैच के आईएएस अधिकारी Dushyant Nariyala को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया। साथ ही गृह सचिव Jagdish Prasad Meena को भी उनके पद से हटा दिया गया।

निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार को भेजे पत्र में निर्देश दिया कि 1997 बैच की आईएएस अधिकारी Sanghamitra Ghosh को गृह एवं पर्वतीय मामलों की प्रधान सचिव नियुक्त किया जाए।

चुनाव से जुड़े कामों से दूर रहेंगे हटाए गए अधिकारी

निर्वाचन आयोग के सचिव Sujit Kumar Mishra के हस्ताक्षर वाले पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।

आयोग ने कहा कि राज्य में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है और इन निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए फैसला

राजनीतिक हलकों के एक वर्ग का मानना है कि यह प्रशासनिक फेरबदल चुनाव के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। वहीं टीएमसी इसे राजनीतिक हस्तक्षेप बता रही है।

दो चरणों में होगा बंगाल में मतदान

**West Bengal विधानसभा चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा।

मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी, जिसके बाद राज्य की नई सरकार का फैसला होगा।

ऐसे में चुनाव से पहले प्रशासनिक फेरबदल और संसद में शुरू हुई सियासी तकरार ने बंगाल की राजनीति को और भी गर्मा दिया है।