US Attack on Chabahar Port | ईरान के चाबहार पर बमबारी, भारत की रणनीतिक परियोजना पर संकट

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के एक और महत्वपूर्ण ठिकाने पर बड़ा हमला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने Chabahar Port के पास स्थित ट्रेड जोन और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बमबारी की है।

इस हमले के बाद इलाके में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और आसमान में काला धुआं उठता देखा गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

ट्रेड जोन में बने सैन्य ठिकाने बने निशाना

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने चाबहार पोर्ट के पास स्थित ट्रेड जोन में मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस हमले के दौरान कई धमाके हुए और आसपास के इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।

इससे पहले भी अमेरिका ने ईरान के अहम तेल निर्यात केंद्र Kharg Island पर हमला किया था, जिसे ईरान की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माना जाता है।

भारत के लिए बेहद अहम है चाबहार पोर्ट

ईरान का चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत इस बंदरगाह के माध्यम से मध्य एशिया, अफगानिस्तान और यूरोप के साथ व्यापारिक संपर्क मजबूत करना चाहता है। यही कारण है कि भारत सरकार कई वर्षों से इस बंदरगाह के विकास के लिए निवेश करती रही है।

हालांकि हाल के समय में इस परियोजना को लेकर कई सवाल भी उठे हैं। कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने सोशल मीडिया पर सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि क्या भारत अब भी इस परियोजना में सक्रिय रूप से शामिल है। उनका कहना है कि अगर भारत पीछे हटता है तो यह देश के लिए बड़ा रणनीतिक झटका होगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बाद ईरान ने Strait of Hormuz को काफी हद तक बंद कर दिया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन रास्तों में से एक है।

दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।

ट्रंप ने कई देशों से मांगी मदद

इस संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कई देशों से इस जलमार्ग की सुरक्षा के लिए आगे आने की अपील की है। उन्होंने China, France, Japan, South Korea और United Kingdom जैसे देशों से युद्धपोत भेजने का अनुरोध किया है।

ट्रंप का कहना है कि अगर कई देश मिलकर इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करें तो होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द ही दोबारा खोला जा सकता है।

वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में सैन्य टकराव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

चाबहार पोर्ट पर हुआ हमला भारत समेत कई देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि यह बंदरगाह एशिया और यूरोप के बीच व्यापार के लिए एक अहम रणनीतिक केंद्र माना जाता है।