रणघोष अपडेट. देशभर से
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवारको आरोप लगाया कि असम में अधिकारियों ने उन्हें नगांव में 15वीं शताब्दी के असमिया संत और विद्वान श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान बताद्रवा सत्र मंदिर में जाने से रोक दिया है। राहुल ने अपने ऊपर लगाए गए प्रतिबंधों पर सवाल उठाते हुए कहा, “हम मंदिर जाना चाहते हैं। मैंने क्या अपराध किया है कि मैं मंदिर नहीं जा सकता?” उन्होंने कहा, “हम कोई समस्या पैदा नहीं करना चाहते, हम बस मंदिर में प्रार्थना करना चाहते हैं।” रोके जाने का विरोध करने के लिए मंदिर के सामने ही राहुल गांधी धरने पर बैठ गए। उनके साथ चल रहे सैकड़ों यात्री और कांग्रेस कार्यकर्ता भी जमीन पर बैठ गए। इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक राहुल का धरना जारी था।असम में अभी तक भारत जोड़ो न्याय यात्रा के रास्ते में काफी रोड़े अटकाए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि अभी तक दो जगह इस यात्रा पर हमला हो चुका है। यह सब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के इशारे पर हो रहा है। इसके पीछे भाजपा और उसके संगठनों से जुड़े लोग हैं। लेकिन यात्रा किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगी। राहुल असम के सीएम को भ्रष्ट बता चुके हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक समारोह के साथ संभावित टकराव की चिंताओं का हवाला देते हुए राहुल से अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के मार्ग पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। राहुल गांधी ने सुबह कहा- अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तय करेंगे कि मंदिर में कौन जाएगा। उन्होंने कहा, ”मंदिर में केवल एक ही व्यक्ति प्रवेश कर सकता है।” घटना के बाद, कांग्रेस नेताओं और राहुल गांधी ने नगांव में धरना शुरू कर दिया।