डिप्टी सीएम का हरियाणा को ई-व्हीकल हब बनाने पर फोकस

– सरकारी विभागों में भी इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का प्रयोग करके ई-वाहनों को बढ़ावा देने पर सरकार का विचार – दुष्यंत चौटाला


 उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ‘ई-व्हीकल’ (बिजली से चालित वाहन) निर्माण के क्षेत्र में भी हरियाणा पूरे देश में अग्रणी बने, इसके लिए एक विशेष कलस्टर तैयार करने पर विचार किया जा रहा है। डिप्टी सीएम ने यह जानकारी आज यहां ‘ई-व्हीकल पॉलिसी’ गठन को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा कार निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों से बात करने के बाद दी।डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य सरकार का विचार है कि प्रदेश के सरकारी विभागों में अधिक से अधिक ‘ई-व्हीकल्स’ का प्रयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जो भी नए सरकारी वाहन खरीदें जाएं, इनमें हेडक्वार्टर से जुड़े वाहन पेट्रोल-डीजल से कनवर्ट होकर ई-व्हीकल की ओर जरूर बढ़ने चाहिए क्योंकि आज समय की जरूरत है कि हम ई-व्हीकल को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि इसके लिए चंडीगढ़, पंचकूला, गुरूग्राम व फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ अन्य शहरों में भी बड़े व छोटे सचिवालयों में ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बागवानी जैसे क्षेत्र में भी ई-ट्रेक्टर का प्रयोग किया जा सकता है, इसके लिए संभावनाएं तलाशी जाएंगी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए पॉलिस के माध्यम से रजिस्ट्रेशन फीस आदि में रियायतें दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति में मारूति सुजुकि इंडिया लिमिटेड, हीरो कॉरपोरेट सर्विसिज लिमिटेड, जेबीएम ग्रुप, मिंडा ग्रुप, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अमारा राजा ग्रुप, महिंद्रा इलैक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड, एथर एनर्जी, मैसर्ज एस्कॉर्ट लिमिटेड, नेसकॉम, फिक्की, एसोचैम, रूचि ग्रीन अर्थ समेत विभिन्न प्रसिद्ध कंपनियों व संगठनों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार द्वारा ‘ई-व्हीकल पॉलिसी’ के तैयार किए गए ड्राफ्ट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अदभूत पॉलिसी है जिससे हरियाणा राज्य ऑटोमोबाइल की तरह ‘ई-व्हीकल’ निर्माण के क्षेत्र में भी अग्रणी साबित होगा। इन प्रतिनिधियों ने अपने-अपने सुझाव भी दिए। दुष्यंत चौटाला ने उक्त कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों को राज्य सरकार की प्रस्तावित ‘ई-व्हीकल पॉलिसी’ के लिए अहम बताया और कहा कि इस पॉलिसी को अंतिम रूप देते वक्त उक्त सुझावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

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