पीईबी के 23 कॉलेजियम सदस्यों के लिए हुआ मतदान, कड़े मुकाबले में हुई हार-जीत
रणघोष अपडेट. रेवाड़ी
पब्लिक एजुकेशन बोर्ड के तहत संचालित शहर की नामी शिक्षण संस्था केएलपी कॉलेज के रविवार को 23 कॉलेजियम सदस्यों का चुनाव शांति पूर्वक ढंग से संपन्न हो गया। ज्यादातर सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा रहा। तीन मुकाबलों का रजल्ट टाई रहा जिसका पर्ची से विजेता चुना गया। यहां बता दे कि वोटों की संख्या के आधार पर 70 कॉलेजियम सदस्य बनाए गए हैं जिसमें 47 पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। 23 सीटों के लिए 394 वोट डलने थे जिसमें 378 यानि 95.96 प्रतिशत मतदान हुआ।
कुल निर्वाचित हुए 70 सदस्यों पर एक नजर
निर्वाचित हुए कॉलेजियम सदस्यों में आंनद स्वरूप डाटा, अमित डाटा, अजय डाटा, रजनीकांत सैनी, रतनलाल कसेरा, अजय कुमार गुप्ता, प्रभा अग्रवाल, सतीश कुमार सैनी, पूर्णचंद भट्टेवाला, विजय गुप्ता, सूर्यकांत सैनी, मोहनलाल गुप्ता, हेमंत गुप्ता, कमला देवी गुप्ता, अमित गुप्ता, सुनील भार्गव, राजेश कुमार वर्मा, जगमोहन गुप्ता, सुनील ग्रोवर, करतार सिंह चौधरी, शालिनी अग्रवाल, शीशराम चौधरी, सतेंद्र प्रसाद, नीरज अग्रवाल, भारतलाल गुप्ता, अरविंद कुमार गुप्ता, मुकेश कुमार गुप्ता, मित्रा सक्सेना, राजकुमार लोहिया, जितेंद्र कुमार जिंदल, संजय कुमार अग्रवाल, डॉ. तारा सक्सेना, अनिल रस्तोगी, रमेश कुमार मित्तल, सीमा सीमा चराया, संदीप खंडेलवाल, अशोक सोमाणी, राजेश लोहिया, महेंद्र गोयल, रतनेश बंसल, रोशनलाल यादव, अनिता गुप्ता, परमप्रीत सिंह, दीपक अग्रवाल, नरेश कुमार शर्मा, कृष्ण गोपाल ठाकर, राजीव गुप्ता, प्रेमप्रकाश अग्रवाल, ममता गुप्ता, विनयशील गोयल, बरूलाल गोयल, पूर्णचंद सिंगला, प्रवीन कुमार अग्रवाल, नरेश हिंदूजा, संदीप गोयल, मोनिका अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, कपिल कुमार गोयल, राकेश गर्ग, नीरज कुमार, नवल कुमार गुप्ता, नंदकिशोर गुप्ता, रेनु गुप्ता, दिनेश कुमार गोयल, प्रवीन कुमार अग्रवाल, सोहल गुप्ता, मुकेश कुमार भट्टेवाला, घनश्याम दास गुप्ता, अजय यादव, मोनिका सिंहल शामिल है।
तीन सदस्य टाई पर हुए ड्रा से बने विजेता
इस चुनाव में तीन उम्मीदवार को बराबर वोट मिले। जिस पर पर्ची डालकर ड्रा निकाला गया जिसमें राजकुमार लोहिया, नरेश कुमार शर्मा एवं नंदकिशोर गुप्ता विजयी रहे।
बेहतर निर्वाचन अधिकारी की छाप छोड़ गए डॉ. कमलेश
इस चुनाव के निर्वाचन अधिकारी रिटायर प्राचार्य डॉ. कमलेश एक बेहतर निर्वाचन अधिकारी के तौर पर अपनी छाप छोड़ गए। साथ ही एआरओ के तौर पर राजीव अग्रवाल एवं दिलीप अरोड़ा की भी विशेष भूमिका रही। डॉ. कमलेश ने जब से कार्यभार संभाला किसी भी तरह की कोई विवाद की स्थिति नहीं रही। रविवार को चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्वक रहा। डॉ. कमलेश ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के के सभी सदस्यों का सकारात्मक सहयोग रहा। सही मायनों में यही इस संस्थान की गरिमा है।