पत्रकारिता और जनसंचार विभाग ने किया विशिष्ट-व्याख्यान का आयोजन
जिला मुख्यालय स्थित के.एल.पी. कॉलेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के तत्त्वावधान में गूगल-मीट पर आयोजित एक विशिष्ट व्याख्यान में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार, शिक्षक व पत्रकार सत्यवीर नाहड़िया ने कहा कि सोशल मीडिया और आर्थिक दबावों के चलते संपादक का पद ही आज खतरे में आता जा रहा है। उन्होंने पत्रकारिता के छात्रों को सम्पादन के विषय की बारीकियों से अवगत कराया तथा संपादक की भूमिका व कार्य के बारे में बताया। न्यूज़ सेंस, निर्दोष समाचार व पीत पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए नाहड़िया जी ने समाचार के कानूनी पक्ष से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हम सब भाग्यशाली हैं कि हमें हिंदी गद्य के जनक व पत्रकारिता के मसीहा बाबू बालमुकुंद गुप्त जी की धरती पर पत्रकारिता सीखने व करने का अवसर मिला है। पत्रकार व साहित्यकार के बीच की बारीक रेखा को परिभाषित करते हुए उन्होंने दोनों को समाज का सजग प्रहरी बताया। प्राचार्य डॉ. अभय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए नाहड़िया के बहुआयामी व्यक्तित्व की सराहना की तथा बच्चों को उनसे समय प्रबंधन सीखने की सलाह दी। पत्रकारिता और जनसंचार विभाग की समन्वयक डॉ. ऋचा शर्मा ने समाचार संपादन के क्षेत्र में आने वाली विभिन्न चुनौतियों व उनके समाधान पक्ष से विद्यार्थियों का परिचय करवाया तथा आगे भी इसी प्रकार के आयोजन करने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम का संचालन पत्रकारिता विभाग के प्राध्यापक मुकुट अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर प्राध्यापिका छवि सहित वृंदा, शैली, कल्याणी, नवीन, हिमांशु, निकिता, महिमा, आशीष, पंकज, मयंक, प्रशांत, कीर्ति, प्रीति, मनीषा, कमलेश, दिव्या आदि विद्यार्थी उपस्थित रहे।