मनोबल व आत्मविश्वास के बल पर कोरोना को किया परास्त : राजबाला

कोरोना एक ऐसी  संकट की घड़ी है कि उस वक्त अपने भी पराये की तरह व्यवहार करते नजर आते हैं। लेकिन अपने मनोबल व आत्मविश्वास के बल पर मंैने कोरोना को परास्त किया , नागरिक अस्पताल रेवाड़ी में कार्यरत नर्स राजबाला का कहना है कि वह कोरोना कि दूसरी वेव मे अपनी वैक्सीन ड्यूटी का कार्य लगातार कर रही थी लेकिन वैक्सीन का निरन्तर  कार्य करते हुए जब  एक दिन मेरी तबीयत खराब हुई तो मैने अपना टेस्ट कराया तो वह कोरोना पॉजिटिव हुई  लेकिन मैंने कोरोना कि इस महामारी में अपने मनोबल को कम नहीं होने दिया तथा मेरे परिवार के सदस्यों ने मेरी  हिम्मत इस तरह बढाने का काम किया कि मुझे होम आइसोलेसन के दौरान  मुझे कभी यह महसूस नहीं हुआ कि मैं बीमार हूँ ।  विभाग के डाक्टरों  की सलाह व परामर्श के अनुसार दवाओं  व आयुष काढा व धनधनवटी वटी इत्यादि का  सेवन किया जिसके परिणाम स्वरूप  करोना को मात दी , जैसे ही मैने  कोरोना को मात दी तो मै अपनी ड्यूटी पर जाने लगी और बिना किसी भय व संकोच के वैक्सीन लगाने के कार्य में जुट गई ।उन्होंने बताया कि मनोबल व आत्मविश्वास एक ऐसा हथियार है कि हम कोरोना जैसे बड़े से बड़े संकट को मात दे सकते हैं । संकट के समय में अपने रिश्तेदार, पडौसी या अन्य लोग मदद करने के लिए आगे आ जाते हैं , लेकिन कोरोना महामारी के समय में अपने भी डर के कारण दूरी बना रहे हैं  हैं। लेकिन जिला प्रशासन व सरकार के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने फ्रंट लाइन में खड़े होकर कोरोना मरीजों का जो साथ निभाया है और कोरोना  मरीजों का जो उत्साहवर्धन किया है उसी के बल पर उनके  मनोबल को शक्ति मिली है और कोरोना को मात दी है ।