बोल ब्याह (अध्याय-5)
अगले दिन, दबे पाँव, अलग सा भेष बनाकर, ढाणी गागड़िया वापस पहुँचा। कुछ शोर शराबा हो इस से पहले बूढ़े के सामने तीस हज़ार फैंक दिये। “मुझे बावरी से ब्याह करना है।”
बूढ़ा फटी आँखों से मुझे घूरता रहा। “सतड़ी से?”
दो मिनट सोच कर बोला, “आज तक कोई सांसर छोरी बाहर नहीं गयी। तू खूब सोच समझ कर आया है ना? सांसर की बेटी बाप के घर उस दिन वापस आती है जब घरवाले को छोड़ कर दूसरा मर्द उसको हाथ लगा दे। ऐसा हुआ तो फिर ना तू बचेगा और ना वो पापी, देख लेना। जा अब पक्की सोच ली है तो अपनी माई का कोई पुराना जोड़ा घर से ले आ। शनिवार को आ जाना।”
“एक बार मिल लूँ बावरी से?”
“अब ना, अब वचन भरा गया।” मुझे बूढ़े पर गुस्सा आया, पर खुशी कहीं ज़्यादा थी।
मैं फिर भागता दौड़ता गाँव आया। माँ को मरे दो साल हो गये थे। उसके जाने के बाद ज़िंदगी जिस रस्सी के साथ बँधी था, वह भी टूट गयी थी।
दो साल से बंद पड़ी माँ की संदूक खोली। जो भी टूम टूटके, कपड़े लत्ते थे, एक पोटली में बाँधे और उल्टे पैर लौटा।
ब्याह के दिन उसके बाप ने मुझे अपनी पगड़ी पहनायी। बावरी ने नया गोटा लगा कर मेरी माँ का जोड़ा पहना। सांसरियों के कई छोटे मोटे रिवाज़ किये। आक पूजा। वट पूजा। मुझे उनके कुएँ पर ले जाकर नहलाया गया। कई टोटके से किये। पर बोल ब्याह की जो अंतिम रस्म है, वह मैं आज तक नहीं भूला हूँ। हम दोनो के हाथ, ऐसे क्रॉस करके पकड़ा दिये। फिर पहले दूल्हे की और से गीत गाया जाना था, उसका मुखड़ा मुझे गाने को कहा गया। एक बार फिर गाने को दिल कर रहा है आज।
वह कान पर हाथ धर कर गाने लगा। मुझे अजीब लगा, कहीं यहाँ मेरा तमाशा तो नहीं बना देगा।
“बिरमा जी नै मान कै मैं पकड़यो तेरो हाथ !
मौत बी आवै बीच मैं तो काडय लूँ दोन्यु आँख !!”
उसने पूरी तान में गाया। अच्छा हुआ भीड़ नहीं लगी। पहली बार उसकी मुस्कराती आँखों में नमी दिखी।
फिर बावरी की तरफ से औरतों ने गीत गाया।
“मैं माटी तू जोतिया सींच बीज मन धाप!
गोद मा खेलें पुरखिए मैं माई तू बाप !!”
‘वाहह!’ मेरे मुँह से अनायास निकल गया।
वह बोलता गया।
शाम को सांसरियों का टोला हमें गाड़े में बिठा कर नीमराना तक छोड़ने आया। उस पल से लेकर ९ साल तक मैने एक कालेतर जीवन जिया।
पर किस्मत का खेल देखो। मैंने अपने ब्याह के बोल को नहीं निभाया। मौत की आँख निकाल लेने का वचन देकर एक दिन खुद उसको मौत के घाट उतार दिया। हमने अपनी गोद में पुरखों को नहीं खिलाया इसका मुझे कोई रंज नहीं है..
