रणघोष की यह कलम कुछ कहती है….

डीसी अशोक कुमार गर्ग दिमाग से कचरा साफ कर रहे हैं, आइए हम भी कुछ करें.. 


रणघोष खास. प्रदीप नारायण


 

जैसे जैसे रेवाड़ी के डीसी अशोक कुमार गर्ग के भीतर का इंसान अलग अलग बहाने से बाहर निकल सभी के चेहरे पर मुस्कान ला इतरा रहा है हम जैसे पत्रकारों के लिए उनके बारे में लिखना बड़ा मुश्किल हो रहा है। तीन दिन पहले शहर के केएलपी कॉलेज में सफाई कर्मचारियों के साथ डीसी गर्ग अपनी पत्नी रजनी गर्ग के साथ जमकर नाचे, उनके साथ भोजन किया। यह एक ऐसे अधिकारी की निशानियां हैं जो संस्कार- जीवन दर्शन के रास्ते बेहतर मनुष्य होने के गर्व का अहसास कराती है। पता नहीं डॉ. गर्ग आगे ओर क्या करने जा रहे हैं। बैचेनी इस बात की है कि समय उपरांत इस शख्स के इधर उधर चले जाने के बाद इंसानी जमात में बदलाव की जो सुगंध मंद मंद चारों तरफ महसूस की जाने लगी है उसे संभाले रखना कितना सहज होगा। आमतौर पर डीसी के पद पर बैठे शख्सियत का मिजाज दिमाग में जमें कचरे को साफ करने से ज्यादा टेबल पर रखी फाइलों में नजर आ रहे चेहरों को ठीक करने में ज्यादा रहा है। ऐसा भी नहीं है कि अशोक कुमार गर्ग ने रेवाड़ी में आकर पहली बार इस तरह की शुरूआत की हो। जहां भी रहे  उनके अंदर का अशोक बाहर आकर हिलोरे मारना शुरू कर देता है। जिला सचिवालय में वीआईपी कल्चर को खत्म करने की बात हो या आमजन से बेहिचक सीधा संवाद करने की संस्कृति फैलाने की। इसका सीधा असर सहयोगी अधिकारी एवं कर्मचारियों के चेहरे पर काम करते हुए नजर आ रही ताजगी से महसूस किया जा सकता है।

अपने ओहदे को सफाई कर्मचारियों की कर्मशीलता से जोड़कर डीसी अशोक कुमार गर्ग ने समाज की उस दूषित मानसिकता को साफ करने का प्रयास किया है जो सदियों से हमारे दिलों दिमाग में छुआछूत की शक्ल में संडाध मारती आ रही है। हमारी गंदगी उठाकर हमें साफ सुथरा वातावरण देने वाले अगर गलती से छू जाए तो हम दुबारा नहाते हैं। उन्हें ऐसा महसूस कराया जाता है मानो ये समाज के सबसे निचले पायदान से आते है। शुभ व खुशी के आयोजनों में इनसे दूरियां रखी जाती है। फासला रखकर उनकी हैसियत बताई जाती है।  ऐसे में डीसी गर्ग ने सर्वोच्च कार्य करने वाले इन सफाई कर्मचारियों को जब गले लगाया तो बेहतर बदलाव मुस्करा उठा। इसका कितना असर रहता है यह आने वाला समय बताएगा। इतना जरूर है कि डीसी अशोक कुमार गर्ग ने अपना काम कर दिया है अब बारी हमारी है.. आइए उदाहरण बने।