शिक्षण विधि में बदलाव ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाएगा:- प्रोफेसर आर.सी. कुहाड़

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन पर हुए सार्थक एडुविजन-2021 में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ ने सफलता पूर्वक भोपाल में प्रतिभागिता की। आयोजन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए माननीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने संबोधन में भारतीय शिक्षण मंडल और सभी जुड़े हुए विश्वविद्यालयों को इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने समापन संबोधन में इस बात पर बल दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय संस्कृति के आधार स्तंभों को समावेशित किए हुए है और साथ ही आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी को मूल्यपरक बनाने पर भी बल दे रही है। भारतीय शिक्षण मंडल ने इस कार्य का जो गुरुत्तर भार लिया है, इसके लिए उन्होंने उसकी सराहना की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा नई शिक्षा नीति को कार्यान्वयन करने में सबसे बड़ी भूमिका शिक्षकों की है। शिक्षक ही है, जो विद्यार्थियों को कक्षा में मूल्यपरक, चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व निर्माण और रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान कर सकता है। जिससे वह स्वयं आत्मनिर्भर बन सकता है और देश को भी आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकता है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने हर्ष जताते हुए यह उदगार व्यक्त किए कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में देश के समस्त विश्वविद्यालयों में एक सकारात्मक प्रतिस्पर्धा ने जन्म लिया है और वह उसे शीघ्रता से अपने यहां क्रियान्वित करने के लिए संलग्न हैं। भारतीय शिक्षण मंडल के संगठन मंत्री मुकुल कानितकर ने कहा कि संवाद, समन्वय तथा सहकार्य वर्तमान युग में सार्थकता के मंत्र हैं, इस आयोजन को प्रत्यक्ष उदाहरण के रूप में रखते हुए पारस्परिक तथा सामूहिक व्रत का नियोजन हम सब करेंगे।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आरसी कुहाड़ ने कहा कि शिक्षण की विधि में बदलाव ही नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाएगा। नई शिक्षा नीति पर अभी तक बहुत अधिक वेबीनार, सेमिनार और सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं। उस पर काफी चर्चा भी हो चुकी है। अब उसके कार्यान्वयन के लिए कार्य करना है। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने 7 जुलाई 2020 को ही नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन हेतु एक उच्चस्तरीय विशेष कार्यबल का गठन कर दिया था, जिसने सफलतापूर्वक अपने सुझावों का संकलन करके विश्वविद्यालय के प्रशासन को सौंप दिया है। शीघ्र ही हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन हेतु भारतीय शिक्षण मंडल और दूसरे संबंधित विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर एक तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा। इससे पहले सुबह के सत्र में शिक्षा, संस्कृति और संस्कार पर बोलते हुए मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री उमा ठाकुर ने कहा कि हमारी शिक्षा को सबसे अधिक ध्यान चरित्र निर्माण पर देना होगा और इसके साथ ही उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सेना के जवानों के बलिदानों को भी ध्यान रखने की नसीहत दी। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपने यहां प्रवेश में भारतीय सेना के जवानों से संबंधित बच्चों के लिए एक विशेष अंश दिया हुआ है। चरित्र निर्माण को ध्यान में रखते हुए स्वामी दयानंद सरस्वती पीठ की स्थापना हुई है और साथ ही संस्कृत और योग विभाग भी इस कार्य को लगातार आगे बढ़ाते रहे हैं।