2015 से जारी है जरूरतमंदों की सेवा, खुशियों की दीवार को मिला डीसी का सहयोग

सामाजिक संस्था खुशियों की दीवार के संचालक व रंगकर्मी  सजंय रामफल कोरोना संक्रमण के दौरान  अपने परिवार की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों का सहारा बने हुए है। सजंय रामफल द्वारा  साल 2015 से दादरी के ऐतिहासिक किला मैदान में समाजसेवा के लिए  भोजन, कपड़े, चप्पल, बच्चों के लिए किताबें इत्यादि निशुल्क मुहैया करवाई जाती है। खुशियों की दीवार शहर की ऐसी पहली सामाजिक संस्था है जो प्रशासन के साथ जुड़ी हुई है। संस्था को कोई भी  डोनेशन इत्यादि आता है तो उसका पंजीकरण जिला रेडक्रॉस सोसायटी में करवाया जाता है उसके बाद ही आगामी रूपरेखा तैयार की जाती है।

रेडक्रॉस सोसायटी व खुशियों की दीवार के संयुक्त प्रयास से अब तक काफी अभियान चलाए जा चुके है। जिसमें जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुचाना, कोरोना पीड़ितों को ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराना, अन्य बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को दवा का प्रबंध करवाना, बच्चे का एडमिशन स्कूलों में करवाना इत्यादि कार्य करवाये जा रहे है। संस्था के संचालक सजंय रामफल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते काफी लोगों को अपने रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। रोजगार नही होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त राजेश जोगपाल के अथक प्रयासों से संस्था द्वारा जरूरतमंद लोगों को  रोजाना खाना पहुचाने का काम किया जा जाता है। जिला उपायुक्त खुद खाना  बनाने का काम करते है। खाना बनाते समय साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना उनकी प्राथमिकता होती है ।  जिला उपायुक्त ने संस्था के सभी सदस्यों को निर्देश है कि जिले में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति भूखा न रहे।

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