8वें वेतन आयोग में हर साल 6% इंक्रीमेंट और DA कैलकुलेशन में बदलाव की मांग, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए क्या है नया प्रस्ताव

8वें वेतन आयोग में हर साल 6% इंक्रीमेंट और DA कैलकुलेशन में बदलाव की मांग, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए क्या है नया प्रस्ताव

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बनने वाले 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर नई जानकारी सामने आई है। अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ (AIDEF) ने वेतन आयोग को कई अहम सुझाव भेजे हैं। संगठन ने आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को कुल 17 मांगों का प्रस्ताव दिया है।

इन मांगों में सबसे बड़ी मांग महंगाई भत्ता (DA) की गणना के तरीके में बदलाव और हर साल 6% वेतन वृद्धि करने की है।


DA कैलकुलेशन बदलने की मांग

वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता AICPI-IW (All India Consumer Price Index for Industrial Workers) के 12 महीने के औसत के आधार पर तय किया जाता है। यह इंडेक्स लेबर ब्यूरो तैयार करता है, जिसमें रोजमर्रा की वस्तुओं जैसे सब्जी, फल, कपड़े और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों को शामिल किया जाता है।

इसी आधार पर सरकार साल में दो बार DA बढ़ोतरी का फैसला करती है।


कर्मचारियों का क्या कहना है?

AIDEF का कहना है कि मौजूदा इंडेक्स कर्मचारियों की वास्तविक खर्च स्थिति को सही तरीके से नहीं दर्शाता।

संगठन के मुताबिक CPI बास्केट में कई वस्तुओं की कीमतें पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) या सब्सिडी वाली दरों पर मानी जाती हैं, जबकि ज्यादातर कर्मचारी बाजार से सामान खरीदते हैं, जहां कीमतें ज्यादा होती हैं। इसलिए वास्तविक महंगाई का असर इस इंडेक्स में पूरी तरह दिखाई नहीं देता।

इसी वजह से संगठन ने सुझाव दिया है कि 8वें वेतन आयोग में DA की गणना के लिए नया और ज्यादा वास्तविक इंडेक्स बनाया जाए, जिसमें बाजार की वास्तविक कीमतों को आधार बनाया जाए।


हर साल 6% वेतन वृद्धि की मांग

AIDEF ने मौजूदा 3% सालाना वेतन वृद्धि को बढ़ाकर 6% करने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों की आय में अधिक वृद्धि जरूरी है।

इसके अलावा यह भी मांग की गई है कि कर्मचारियों को 30 साल की सेवा अवधि में कम से कम 5 गारंटीड प्रमोशन दिए जाएं।


वेतन संरचना में बदलाव का प्रस्ताव

कर्मचारी संगठन ने यह भी सुझाव दिया है कि सबसे अधिक वेतन और सबसे कम वेतन के बीच का अनुपात 1:10 रखा जाए। इससे वेतन संरचना अधिक संतुलित हो सकेगी।


अग्निपथ योजना पर भी उठाया सवाल

AIDEF ने सेना में लागू अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की फिक्स्ड टर्म भर्ती व्यवस्था को खत्म करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि सभी अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही मौजूदा मिलिट्री सर्विस पे (MSP) को हटाकर डायनेमिक रिस्क एंड रेडीनेस प्रीमियम देने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जो पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की शुरुआती सैलरी से कम से कम 25% अधिक होना चाहिए।


पेंशन और रिटायरमेंट पर भी सुझाव

संगठन ने सशस्त्र बलों के लिए पुरानी पेंशन योजना जारी रखने और कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने का सुझाव भी दिया है।


लाखों कर्मचारियों पर पड़ेगा असर

अगर इन मांगों को वेतन आयोग स्वीकार करता है तो इसका असर देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों पर पड़ेगा। हालांकि अभी यह केवल कर्मचारी संगठनों की ओर से दिए गए सुझाव हैं, अंतिम फैसला सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही होगा।