अटेली विधानसभा : प्रमुख प्रत्याशियों के अपने अपने दावे, चुनौतिया भी बराबर

-6 बार चुनाव लडऩे वाले पूर्व विधायक नरेश यादव इस चुनाव मैदान में नहीं होगे


रणघोष अपडेट. अटेली से ग्रांउड रिपोर्ट
नामांकन व स्कूटनिंग के बाद प्रदेश में अगली सरकार व विधायक को लेकर चौपालों व गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म तेज होता जा रहा है। अटेली विधानसभा के 16 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन जमा करवाये है। जिनमें राष्ट्रीय पार्टी के ठाकुर अतरलाल, कांग्रेस से अनीता यादव, भाजपा से आरती राव, आप से सुनील राव के अलावा क्षेत्रीय दलों में जजपा से आयुषी राव, पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव आजाद उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन जमा करवाया है। अटेली विधान सभा से1996 से चुनाव लडऩे वाले पूर्व विधायक नरेश यादव यहा 6 बार चुनाव लड़ चुके लेकिन अब की बार नामांकन नहीं भरा, वो 2005 में यहा से निर्दलीय विधायक बने थे। हालांकि पूर्व विधायक का पहला चुनाव 1991 में लोकसभा से शुरूआत की थी। अटेली में अब तक सबसे कम वोटों के जीत का अंतर 1991 में राव बंशी सिंह ने राव अजीत सिंह को 67 वोटो से हराया था। बसपा के ठाकुर अतरलाल अटेली से का तीसरा चुनाव लड़ रहे है, पिछले चुनाव में 37 हजार से ज्यादा वोट प्राप्त दूसरे नंबर रहा था। वही 2019 के चुनावों में भाजपा के वर्तमान विधायक सीताराम यादव ने जीत हासिल की थी। जेजेपी के प्रत्याशी सम्राट यादव ने 13 हजार वोट लेकर तीसरे नंबर रहे थे, अब की बार उनकी माता कांगे्रस की टिकट पर उनकी माता पूर्व सीपीएस अनीता यादव कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रही है। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की पुत्री आरती राव के चुनाव लडऩे से अहीरवाल के साथ प्रदेश की नजर इस सीट पर हो गई है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के लिए अपनी बेटी को चुनाव जीताना प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है, चूंकि आरती राव को टिकट मिलने के बाद उन पर बाहरी प्रत्याशी का ठप्पा लग गया है। आरती राव के टिकट मिलने के बाद पहली बार 7 सितंबर को आने पर अपने भाषण में बाहरी होने के मुद्दे को लेकर अपने तक देकर अहीरवाल की बेटी बताया। लॉ गे्रजुएट बसपा प्रत्याशी ठाकुर अतरलाल गत चुनावों में दूसरे नंबर पर रहने तथा लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क से खासे लोकप्रिय है तथा यह उनका तीसरा चुनाव है। वही अनीता यादव बीए पास के अलावा डी फार्मा की पढ़ाई की हुई है। तीन बार विधायक, एक बार जिला पार्षद होने के साथ अपनी राजनीतिक पकड़ के चलते अटेली से तीसरा चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस की टिकट पर चुनाव मैदान में है, आरती राव दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए पास होने के साथ निशाने बाज है तथा केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत की पुत्री होने का रानजीतिक लाभ मिल रहा है, अपनी कोई रानजीति में कोई विशेष पहचान नहीं है। हालांकि इस चुनाव में पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव आजाद प्रत्याशी के रू प में है जिन्होंने यहा से 4 बार चुनाव लड़े हे। वही जेजीपी की प्रत्याशी शहरणवास की सरपंच आयूषी अभिमन्यु राव अपनी भाषण कला व अपने पार्टी के मुद्दो व अपने वायदों के लेकर खासी चर्चा में है। पूर्व विधायक नरेश यादव ने अभी किसी भी प्रत्याशी को अपना समर्थन नहीं दिया है। देखना है कि आने वाले विधानसभा के चुनावों में यहा के मतदाता इनको कितना स्वीकार करते है। खास बात यह भी है कि आरती राव के दादा राव बिरेंद्र सिंह इस सीट पर दो बार विधायक बने है। यह अलग बात है कि यहा से उनके पुत्र राव अजीत सिंह 2 बार तथा उनके दिवंगत पोते राव अर्जुन सिंह 2019 में यहा शिकस्त देख चुके है।