Atiq Ahmed son Aban car accident: माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे का एक वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उसी हादसे का है, जिसमें आबान और उसके दोस्त की मौके पर मौत हो गई थी। हादसे में कार सवार तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे। हादसे के करीब सात दिन बाद सामने आए इस वीडियो ने एक बार फिर सनसनी फैला दी है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कार करीब 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। वीडियो में दिखाई देता है कि तेज रफ्तार कार पहले सड़क पर बने एक गड्ढे में जाती है। इसके बाद अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा जाती है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार डिवाइडर से टकराने के बाद करीब चार से पांच फीट तक हवा में उछलती दिखाई देती है। इसके बाद कार सड़क पर आकर गिरती है।आबान के पीछे चल रही कार के डैशकैम में यह घटना रिकॉर्ड हुई है। वीडियो के 19वें सेकंड में आबान की कार पलटती दिखाई देती है। वहीं, इसके अगले 14-15 सेकंड में भी कार रुकती या बाईं ओर जाती हुई नजर नहीं आती। इसको लेकर वीडियो की टाइमिंग और घटनाक्रम को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
भाई से मिलने झांसी जेल गया था आबान
दरअसल, अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा आबान अहमद 6 अगस्त को झांसी जेल की तन्हाई बैरक में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने अपने दोस्त सोनू, उमर अहमद, मोहम्मद जैद और फारुक अहजम के साथ आ रहा था। लौटते समय सुबह करीब साढ़े 10 बजे झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास तेज रफ्तार क्रेटा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि आबान और सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके दोस्त उमर अहमद, मोहम्मद जैद और फारुक अहजम गंभीर रूप से घायल हो गए।
अगले दिन यानी 7 अगस्त को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आबान अहमद की जान लीवर, लंग्स और तिल्ली फटने के साथ ही सिर पर गहरी चोट से मौत का खुलासा हुआ। रिपोर्ट में आबान के शव में 23 गहरे घाव मिले थे। इसके साथ ही उसकी आंते भी डैमेज मिलीं।
पिता और भाई के कब्र के पास आबान
आबान अहमद को 9 अगस्त को प्रयागराज के कसारी-मसारी स्थित कब्रिस्तान में पिता और भाई की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए लखनऊ और झांसी जेल में बंद बड़े भाई उमर अहमद और अली अहमद को हाईकोर्ट से पैरोल मिली थी जिसके बाद कड़ी पुलिस सुरक्षा में कब्रिस्तान लाया गया था।