रणघोष अपडेट. चंडीगढ़
हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा संगठन की तरफ से चुनावी प्रबंधन के नाम पर खर्च की जा रही राशि में बड़े स्तर पर अनियमिताएं और हेराफेरी करने की खबरें आ रही हैं। विधानसभा स्तर पर जो बजट ऑलाट किया गया था वह सही तरीके से पहुंचने की बजाय कुछ पदाधिकारियों की जेबों को भरता हुआ टुकड़ों टुकड़ों में कम ज्यादा देकर लीपा पोती की जा रही है। कुछ प्रत्याशियों ने इसकी शिकायत भी दर्ज कराई है तो अधिकांश चुनाव में बिजी होने की वजह से समझ नही पा रहे हैं की कितना बजट आकर कहां खत्म हो चुका है। मीडिया प्रबंधन के नाम पर भी बड़ा खेल खेला गया है। हाईकमान को भेजी शिकायत में कुछ भाजपाईयों ने इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा की कुछ जिलों पर तो बजट की बंदरबाट कर दी गई है। कागजों में सबकुछ निपटाया जा रहा है। किसी को नही मिलने पर एक दूसरे की पोल खोली जा रही है। सूत्रों के अनुसार यह बजट कई करोड़ों का है। जिला अध्यक्षों को इस बजट वितरण की विशेष जिम्मेदारी दी गई है। जानकारों के अनुसार भाजपा में ऐसे प्रत्याशी भी बहुत है जो आर्थिक तौर पर बेहद मजबूत है ओर वे पार्टी फंड की बजाय अपने दम पर चुनावी खर्च कर रहे हैं। उनका मकसद किसी भी तरीके से चुनाव को जीतना है इसके लिए वे भी अपने पार्टी पदाधिकारियों द्वारा किए जा रहे गोलमाल का पता होने पर भी खामोश है। उन्हें पता है की चुनाव की स्थिति में अगर इसका खुलासा हो गया तो विरोधियों को राजनीतिक तोर पर इसका सीधा फायदा होगा ओर पार्टी के भीतर जबरदस्त फूट पड़ जाएगी। हालांकि इसकी शुरूआत हो चुकी है। अगर यह सबूतों के साथ सार्वजनिक हो गई तो भाजपा के लिए यह चुनाव संभालना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इतना जरूर है भाजपा के भीतर बाजारू कार्यकर्ताओं की अच्छी खासी जमात इकठठी हो गई है जिनका मकसद भाजपा को तीसरी बार सत्ता में पहुंचाने से ज्यादा खुद को लखपति करोड़पति बनाकर अपना खेल करना है।