सरकार और CJP में नहीं बनी बात, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अटक गई गाड़ी; कल तक बढ़ा इंतजार

नीट पेपर लीक के मामले पर पिछले तीन हफ्ते से प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच आज हुई दूसरे दौर की बातचीत बेनतीजा रही। हालांकि, CJP की तरफ से दावा किया गया है कि सरकार ने उनकी तीन में से दो मांगें मान ली है लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बात नहीं बन सकी है। बताया गया है कि सरकार ने इस मुद्दे पर कल तक के लिए समय लिया है। अब कल दोपहर 12 बजे के करीब सरकार और CJP के बीच फिर से बातचीत होगी।

इससे पहले कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में CJP और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब 50 मिनट तक बातचीत हुई है। CJP की तरफ से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका बातचीत कर रहे थे तो सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और PMO में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने उनसे बातचीत की।

प्रधान के इस्तीफे पर नहीं कोई समझौता

मीटिंग के बाद CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि मंत्रियों के साथ करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान सरकार उनकी तीन मांगों में से दो पर सकारात्मक नजर आई। सौरभ दास के मुताबिक, सरकार मृतक छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सकारात्मक नजर आ रही है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के मुद्दे पर भी सरकार का रुख सकारात्मक है। हालांकि, तीसरी मांग पर क्या फैसला हुआ, इसकी जानकारी उन्होंने नकारात्मक लहजे में दी। हालांकि, सौरव दास ने कहा कि हमने केंद्र सरकार से कहा है कि धर्मेंद प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कोई समझौता नहीं होगा।

दो मांगों पर सैद्धांतिक मंज़ूरी

वहीं कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा, “सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी। सरकार ने मुआवज़े (NEET की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों के लिए जिन्होंने आत्महत्या की) और छात्रों के ख़िलाफ़ FIR और कानूनी मामले वापस लेने की दो मांगों पर सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है।”

इससे पहले 20 जुलाई को हुई थी बातचीत

बता दें कि इससे पहले इससे पहले, 20 जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सरकारी आवास पर उनके साथ हुई लगातार दो बैठकों में सौरभ दास और आशुतोष रंका शामिल हुए थे। उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद 26 दिन से जारी भूख हड़ताल बृहस्पतिवार रात समाप्त कर दी। इसके बाद, आज कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के विठ्ठलभाई पटेल हाउस में यह बैठक हुई।CJP ने इससे पहले किसी मंत्री के आवास या कार्यालय में वार्ता करने के सरकार के निमंत्रण को ठुकरा दिया था और इस बात पर जोर दिया था कि बातचीत आपसी सहमति से तय किये गए किसी स्थान पर होनी चाहिए। CJP ने कहा है कि जंतर-मंतर पर उसका प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। प्रधान के इस्तीफे की मांग के अलावा संगठन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने, नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने तथा आंदोलन में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी व अन्य कानूनी कार्रवाई वापस लेने की भी मांग की थी।

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