जंतर-मंतर इलाके में बढ़ाया गया इंटरनेट शटडाउन, जानें कब तक बंद रहेगा मोबाइल डेटा नेटवर्क

कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर चले रहे विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने इस इलाके में मोबाइल इंटरनेट बैन बढ़ाने का फैसला किया है। पहले दोपहर शनिवार दोपहर 12 बजे तक इंटरनेट बंद करने का आदेश दिया गया था जिसे बढ़ाकर अब रात के 12 बजे तक कर दिया गया है। डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर ने कहा, जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का जो प्रदर्शन चल रहा है। बुहत सारी ऐसी जानकारियों सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती हैं जो कि गलत होती हैं। यह बहुत जरूरी है कि वीडियो और तस्वीरों का फैक्ट चेक किया जाए। दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। हम फेक न्यूज पर सही जानकारी दे रहे हैं। एआई और डीपफेक वीडियो , एडिटेड क्लिप के जरिए गलत जानकारी फैला दी जाती है। इनमें अंतर करना जरूरी है।

जंतर-मंतर के आसपास बढ़ाई गई बैरिकेडिंग

जंतर-मंतर के आसपास आज बैरिकेडिंग भी बढ़ाई गई है। इसके अलावा इस इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती है। सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके ने कहा है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन चलता रहेगा। सीजेपी ने कहा है कि आज फिर सरकार के साथ वार्ता होने वाली है। लेकिन अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते तो इस बैठक का कोई मतलब नहीं है। केंद्रीय दिल्ली में कम से कम 18 मेट्रो स्टेशनों को भी बंद किया गया है।

वायरल हो गया था पीयूष गोयल का डीपफेक वीडियो

सीजेपी के प्रोटेस्ट के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक डीपफेक वीडियो वायरल हो रहा था। गोयल ने आरोप लगाया है कि संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत के उनके वीडियो के साथ ”दुर्भावनापूर्ण तरीके” से छेड़छाड़ कर उसे भ्रामक रूप दिया गया है। इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।

‘डीपफेक’ वीडियो कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से इस प्रकार तैयार किया जाता है कि उसमें कोई व्यक्ति ऐसी बातें कहता या करता दिखाई देता है, जो उसने वास्तव में कभी नहीं कही। यह कार्रवाई उस कथित ‘डीपफेक’ वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद की गई, जिसमें गोयल को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के मुद्दे पर देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित रूप से धमकी भरी टिप्पणी करते दिखाया गया।

गोयल ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि जनता को गुमराह करने के लिए कृत्रिम मेधा का गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और न ही किया जाएगा।

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