मध्य प्रदेश के Kuno National Park से एक बड़ी और खुशी देने वाली खबर सामने आई है। देश में पहली बार करीब एक सदी के बाद चीतों की संख्या 50 के पार पहुंच गई है। कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता Jwala ने पांच शावकों को जन्म दिया है, जिसके बाद भारत में चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है। इनमें से 33 चीते भारत में ही जन्मे हैं, जिन्हें ‘देसी’ चीते कहा जा रहा है।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री Bhupender Yadav ने सोमवार को साझा की। उन्होंने बताया कि ज्वाला तीसरी बार मां बनी है और उसके द्वारा जन्मे पांचों शावक स्वस्थ हैं। इन नए शावकों के जन्म के साथ भारत में चीतों की संख्या ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है।
दरअसल, दुनिया का सबसे तेज दौड़ने वाला स्थलीय जीव चीता करीब 70 साल पहले भारत से पूरी तरह विलुप्त हो गया था। इसके बाद भारत सरकार ने चीतों की आबादी को फिर से बसाने के लिए Project Cheetah की शुरुआत की। इसी योजना के तहत सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नामीबिया से लाए गए आठ अफ्रीकी चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था।
कूनो में तेजी से बढ़ रही है चीतों की संख्या
पिछले वर्ष कूनो नेशनल पार्क में 12 शावकों का जन्म हुआ था, लेकिन उनमें से तीन शावकों सहित कुल छह चीतों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद इस साल फिर से अच्छी खबरें सामने आ रही हैं। 7 फरवरी से 9 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग समूहों में कुल 14 शावकों का जन्म हो चुका है।
2023 से अब तक कूनो में कुल 44 शावकों का जन्म हो चुका है, जिनमें से 33 अभी जीवित हैं। नामीबिया से लाई गई ज्वाला और आशा, दक्षिण अफ्रीका से लाई गई गामिनी, वीरा और निर्वा तथा भारत में जन्मी मुखी ने अब तक उद्यान में कई शावकों को जन्म दिया है।
हाल ही में बोत्सवाना से भी आए थे नए चीते
चीतों की आबादी को मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में 28 फरवरी 2026 को अफ्रीकी देश Botswana से नौ नए चीते भारत लाए गए थे। यह अफ्रीका से लाया गया तीसरा दल था।
Uttam Sharma के अनुसार इन चीतों में से तीन को Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary में स्थानांतरित किया गया है, जबकि बाकी चीते कूनो नेशनल पार्क में ही रखे गए हैं।
पर्यावरण मंत्री ने इसे बताया ऐतिहासिक पल
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि ज्वाला का तीसरी बार मां बनना प्रोजेक्ट चीता के लिए गर्व का क्षण है। उनके अनुसार, “इन पांच नए शावकों के जन्म के साथ भारत में चीतों की कुल आबादी 53 हो गई है, जिनमें से 33 भारत में जन्मे हैं। यह भारत की चीता संरक्षण यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि पशु चिकित्सकों, वन अधिकारियों और परियोजना से जुड़े सभी कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने भी जताई खुशी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भी कूनो नेशनल पार्क में पांच शावकों के जन्म पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने इसे राज्य और देश के लिए गर्व का विषय बताया।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह संरक्षण और प्रबंधन के प्रयास जारी रहे तो आने वाले वर्षों में भारत में चीतों की आबादी और तेजी से बढ़ सकती है।
भारत में चीतों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है और कूनो नेशनल पार्क इस मिशन का केंद्र बनकर उभरा है।
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