रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में नगर पार्षदों की जीत की असल तस्वीर से मिलिए

कुल 32 में से महज 12 भाजपा के जीते, जिन्हें पार्टी से निकाला वे भी जीते


 जनता ने भाजपाई को पूरी तरह से आईना दिखा दिया जबकि  कांग्रेस मुंह दिखाने लायक भी नही बची


रणघोष खास.सुभाष चौधरी

नगर परिषद रेवाड़ी चुनाव के घोषित परिणाम ने भाजपा को आसमान से उठाकर जमीन पर पटक दिया है। कुल 32 वार्डोँ में भाजपा के केवल 12 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। इसमें भी आधे से ज्यादा तो अपने व्यवहार व जमीनी ताकत से विजयी हुए हैं। कमाल की बात यह है की भाजपा ने जिन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से निष्काषित कर दिया था। उसमें दो बागी उम्मीदवार वार्ड नंबर 8 से  पूनम सतीजा व वार्ड नंबर 32 से मनीष कुमार टिकानियां भी शानदार वोटों से जीत गए। भाजपा की यह हालात तब है जब रेवाड़ी में कांग्रेसी की जमीनी ताकत अलग अलग वजहों से बिखरी हुई है। इस चुनाव में कांग्रेस तो मुंह दिखाने लायक भी नही बची।  सबसे बड़ी बात इस पूरे चुनाव घटनाक्रम में किसी भी बड़े नेता का कोई असर पूरी तरह से नजर नही आया। यह बात अलग है की चुनाव जीतने के बाद नेताओं के समर्थक निर्दलीय पार्षदों को साम दंड भेद से अपने वश में करके अपने नेताओं के सामने पेश कर मीडिया में आशीर्वाद का प्रमाण पत्र प्राप्त कर ले।  

इस परिणाम ने पूरी तरह से भाजपा की तमाम रणनीति, आपसी गुटबाजी और पिछले सात- आठ सालों से नगर परिषद में विकास के नाम पर जमकर हुए एक से बढ़कर एक घोटाले व कमीशनखोरी का रिपोर्ट कार्ड पेश कर दिया है।  इस पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा खामियाजा पूर्व चेयरपर्सन पूनम यादव परिवार को भुगतना पड़ा।  भाजपा ने चुनाव का शंखनाद होते ही सबसे पहले पूनम यादव उनके पति बलजीत यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के निष्काषित कर दिया। उसके बाद वार्ड 21 से पूनम यादव के परिवार से खड़ी हुई निर्दलीय उम्मीदवार को हार का मुंह देखना पड़ा। भाजपा प्रबंधन समिति और हाई कमान ने एक एक वार्ड को जीतने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। हरियाणा के ताकतवर मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी जीताने के लिए जनसभा करनी पड़ी।

 भाजपा से जीतने वाले पार्षदों पर एक नजर

वार्ड दो से पूजा, वार्ड चार से ओमप्रकाश सैनी, वार्ड सात से चेतराम सैनी, वार्ड 11 से सुषमा यादव, वार्ड 12 से निखिल मांढैया, वार्ड नंबर 19 से निहाल सिंह, वार्ड 21 से संतोष यादव, वार्ड नंबर 22 से देवेंद्र शर्मा, वार्ड नंबर 23 से रीना गुप्ता, वार्ड नंबर 24 से नीरज कुमार, वार्ड 25 से सत्यनारायण यादव व वार्ड 31 से प्रदीप भार्गव भाजपा के सिंबल पर विजयी रहे।

 विजयी हुए निर्दलीय पार्षदों पर एक नजर

 वार्ड एक से निर्दलीय शिल्पी शर्मा जीती। वार्ड 5 से पूनम कुमारी, वार्ड छह से गोपाल सैनी, वार्ड नंबर 8 पूनम सतीजा, वार्ड नंबर 9 से सचिन, वार्ड नंबर 10 से पवन बठला, वार्ड नंबर 13 से संतोष, वार्ड नंबर 14 से चंदन यादव, वार्ड नंबर 15 से रचना यादव, वार्ड नंबर 16 से मुकेश वर्मा, वार्ड नंबर 17 से सुचित्रा चांदना, वार्ड नंबर 18 से रंजना भारद्वाज, वार्ड नंबर 20 से सुमन रानी, वार्ड नंबर 26 से इतेंद्र यादव, वार्ड नंबर 27 से सुमन खरेरा, वार्ड नंबर 28 से रमेश मोरवाल, वार्ड नंबर 29 से श्रीभगवान, वार्ड नंबर 30 से पूनम व वार्ड नंबर 32 से मनीष टिकानियां शामिल है।

 कांग्रेस से महज एक पार्षद बना

 इस चुनाव में कांग्रेस ने अपनी नासमझी से अपनी रही सही हैसियत को पूरी तरह से खत्म करने में कोई कसर नही छोड़ी। कांग्रेस ने पार्षदों का चुनाव भी सिंबल पर लड़ने का एलान कर दिया। कमाल देखिए सिंबल लेने के लिए उम्मीदवार आगे नही आ रहे थे। महज चार से पांच उम्मीदवार कांग्रेस के सिंबल पर लड़े जिसमें केवल वार्ड नंबर 3 से प्रवीण चौधरी विजयी रहे वह भी अपने दम पर। उसकी जीत में कांग्रेस का कोई आधार नही है।