रणघोष अपडेट. रेवाड़ी
इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर से संबंद्ध रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ के सेल्फ फाइनेंस बीएड कॉलेजों में बीएड परीक्षा के नाम पर होते रहे खेल का खुलासा हुआ है। इन कॉलेजों में खासतौर से दूर दराज से बीएड करने वाले विद्यार्थियों से परीक्षा में बेहतर नंबर देने, कक्षाओं में नही आने और अन्य तरह की सुविधा देने के नाम पर अच्छी खासी रकम वसूली जाती है। इस गोरखधंधे को रोकने के लिए इस बार आईजीयू प्रशासन ने अन्य विश्वविद्यालयों से प्रायोगिक परीक्षा के लिए परीक्षक नियुक्त किए है। जिसे बौखलाकर सेल्फ फाइनेंस बीएड कॉलेज की एसोसिएशन ने दबाव बनाने के लिए आईजीयू प्रबंधन पर हमला बोल दिया है। एसोसिएशन ने 20 जुलाई से शुरू हो रही प्रायोगिक परीक्षा के सामूहिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन इससे पहले भी ऐसा करती आ रही है और आईजीयू प्रशासन को राजनीति दबाव में फैसले वापस लेने पड़े हैं। वजह इन कॉलेजों को संचालित करने वाले संचालकों में अधिकांश प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर राजनीतिक दलों से जुड़े हुए हैं। बच्चो के भविष्य का हवाला देकर वे इस तरह के दबाव में अपने मकसद में कामयाब हो जाते हैं।
यह सारा खुलासा आईजीयू प्रबंधन में इस तरह की व्यवस्था देखने वाले व कुछ सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के संचालकों ने किया है। उन्होंने माना है की यह आईजीयू पर बेवजह ओर निजी स्वार्थ को पूरा करने का दबाव है। आईजीयू प्रबंधन ने इस निर्णय को लागू करने से पहले निजी कॉलेजों से भी योग्यता को पूरा कर रहे शिक्षकों की सूची मांगी थी लेकिन असलियत उजागर नही हो जाए के डर से अधिकांश ने नाम तक आईजीयू को नही भेजे। अगर कॉलेज किसी शिक्षक का नाम डयूटी के तोर पर भेजता है तो वह रिकार्ड में आ जाता है जिसमें शिक्षक की नियुक्ति एवं वेतनमान के मापदंड को भी पूरा करना होता है। इन प्राइवेट कॉलेजों में आधे से ज्यादा विद्यार्थी बाहरी राज्यों से संबंध रखते हैं जो दाखिला और परीक्षा के समय ही आते हैं। इसी दौरान हाजिरी लगाने, बेहतर अंक देने ओर अन्य शर्तों के नाम पर इन्हें कॉलेज अलग से अच्छा खासा सेवा शुल्क करते आ रहे है। इसी मोटी कमाई को बचाने के लिए एसोसिएशन एकजुटता दिखाकर आईजीयू प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है। परीक्षा में अगर अन्य विवि से मुख्य परीक्षक के तोर पर नियुक्ति होती है तो इसमें कॉलेज को इसलिए परेशानी हो सकती है की वे अपनी मनमानी नही कर पाएंगे और उनके इस खेल का खुलासा भी हो सकता है। एसोसिएशन का आरोप है की की आईजीयू प्रशासन अनुभव को अनदेखा कर कम अनुभव वाले को मुख्य परीक्षक बना रही है। यह बेवजह दबाव बनाने का तरीका है। यहां बता दें की रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ में 76 सेल्फ फाइनेंस बीएड कॉलेज हैं। जिनमें 8 से 10 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। प्रायोगिक परीक्षाएं 20 जुलाई से शुरू होकर 14 अगस्त तक चलेंगी।