यह खबर नही बेहतर बदलाव है जिसे देख सावन भी इतराने लगा
रणघोष खास. रेवाड़ी
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव जैतपुर में जुगनू क्लब की सोच से सभी को मुलाकात करनी चाहिए। इसकी शुरूआत हो चुकी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और भारत विकास परिषद के सदस्य रविवार को कुछ समय के लिए सावन को समस्या मानने वाले शहर से निकल गांव की उस माटी में लोट पोट हो गए जहां लोक संस्कृति, खान पान प्रकृति में रची बसी असली भारत की सुगंध हिलोरे मार रही थी। सावन भी आसमान से जुगनू तरह चमकता धमकता आंखे फाड़ कर इस आयोजन के एक एक पल में खुद के वजूद को संवरता महसूस कर रहा था।
इस क्लब को कई सालों से एकदम अलग अंदाज में चला रहे योगेशवर राव ने इस गांव की माटी से बेहतर बदलाव की एक अलग ही हलचल पैदा कर दी है। उनका इरादा किसी ना किसी तौर तरीकों से पारिवारिक- सामाजिक और सांस्कृतिक संस्कृति विरासत को सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है। इसलिए उन्होंने इंसान को प्रोडेक्ट में तब्दील करते आ रहे इस बाजारवाद से टकराने के लिए अपने खेत की माटी को ताकत बनाया है। इसमें देसी खान पान, रंगमंच, प्रकृति, आर्ट आफ लिविंग, इंसान होने का असल वजूद ओर चारों तरफ इंसानी दिमाग में कब्जा कर चुके तनाव को रूटीन की दिनचर्या में बदलाव कर खत्म करना विशेष तौर से शामिल है।
14 जुलाई को इसी अंदाज में हुई शुरूआत
रेवाड़ी शहर के डॉक्टरों के बच्चों ने ग्राम जैतपुर में जुगनू एग्री फार्म में आकर ग्रामीणों के समक्ष पर्यावरण संरक्षण पर एक मार्मिक लघु नाटिका प्रस्तुत की। *सीएमओ, डीएफओ, आईएमए और भारत विकास परिषद की श्री राम शाखा ने 100 पेड़ लगाए और 200 पेड़ों का दान किया।* सीएमओ डॉ सुरेंद्र यादव ने कहा की हम खेती से जुड़ेंगे तो शरीर में विटामिन डी की कमी नहीं होगी और हम बड़ी बीमारियों से बचे रहेंगे। वरिष्ठ डॉ नरेंद्र यादव, डॉ आदेश सक्सेना ने भविष्य में भी ग्रामीण अंचल में बने जुगनू एग्री फार्म पर ग्रामीण समाज से रूबरू होकर स्वास्थ संबंधित सेवाएं देने की मंशा जताई। सभी ने कहा खेती, प्रकृति, पक्षियों को बचा कर ही समाज स्वस्थ जीवन जी पाएगा। पेड़ लगा कर कहा की पेड़ फ्री के डॉक्टर, हर घर लगाने का दिया संदेश, ग्रामीणों में बांटे पौधे।जैतपुर के आसपास के पांच स्कूलों के बच्चों ने पर्यावरण पर पोस्टर बना उनकी प्रदर्शनी लगाई। ग्रामीण महिलाओं ने गीत गा कर पौधे लगाने की शुभ शुरुआत की। मीरपुर यूनिवर्सिटी से डॉक्टर मुकेश कुमार (बैर्डमैन) ने घरेलू चिड़ियाओं गौरैया को वापस लाने के नुस्खे और फायदे बताए और घोंसले भेंट किए। ‘अपना मन’ फाउंडेशन की अनुराधा सैनी ने लोकल पेड़ों को लगाने की अपील करी क्योंकि वे यहां की जलवायु में जल्दी और आसानी से बड़े हो जाते हैं और ऑक्सीजन देने की सेवा में लग जाते हैं। आईएमए प्रेसिडेंट डॉ दीपक, सेक्रेटरी डॉ नीरज, सीनियर डॉ एनएस यादव, डॉ आदेश सक्सेना, डॉ तरुणा नेगी, डा प्रशांत, मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ सुरेंद्र, विशिष्ठ अतिथि डीएफओ दीपक पी पाटिल, मीरपुर यूनिवर्सिटी से पर्यावरण पर नेशनल अवॉर्डी डॉ मुकेश, प्रयास ग्रुप से पूर्व प्राध्यापिका शैफाली सैनी (मंच संचालन), डॉ पूनम, डॉ सुरेखा, गुलाबी पंख से डॉ सुमन, जैतपुर गांव के सरपंच लोकेश कुमार, रहनवां गांव के सरपंच नीरज एवं बच्चे, महिलाएं शामिल रही। सहारनवास गांव की ‘दादी जी के सिलाई सेंटर’ से महिलाएं ने जैतपुर की महिलाओं हेतु कपड़े के थैले बना कर भिजवाए। भारत विकास परिषद की तरफ से डॉक्टर आरबी यादव क्षेत्रीय सचिव संपर्क, अध्यक्ष सीए जितेश अग्रवाल, सचिव डॉ दीपक यादव, कोषाध्यक्ष सचिन सिंघल, उपाध्यक्ष सीए जतिन सैनी,सहसचिव अमन गुप्ता, महिला संयोजिका सीए निधि गौतम, डॉक्टर प्रशांत यादव, नरेंद्र चौहान, सचिन गुप्ता व अन्य उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में प्रमुख पर्यावरणविद योगेंद्र जी ने बच्चों को पर्यावरण का महत्व बताया। भारत विकास परिषद के सदस्यों ने वहां उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण के संरक्षण की शपथ दिलाई। जैतपुर के सरकारी स्कूल, आरबीएस, एसएस, विवेकानंद, एसडी स्कूल के बच्चे स्टाफ और अभिभावक मौजूद रहे।