महेंद्रगढ़ से सीट बदलने पर अब कोई टिप्पणी नही

राव इंद्रजीत सिंह अब शांत रहेंगे बेटी आरती जो चुनाव लड़ रही हैं..


रणघोष अपडेट. महेंद्रगढ. रेवाड़ी

 दक्षिण हरियाणा के दो महत्वपूर्ण जिले महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी की अधिकांश सीटों पर अपने समर्थकों को मैदान में उतार चुके केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह अब आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर चल रहे तुफान को लेकर शांत ही रहेंगे। इसकी वजह भी साफ है वे सबसे पहले अटेली विधानसभा सीट पर अपनी बेटी आरती राव को पूरी तरह से सुरक्षित करना चाहते हैं। इस सीट के चारों तरफ दूसरी विधानसभाओं की सीमाए जुड़ी हुई है। राव पिछले 10 सालों से भाजपा में हैं लेकिन पहली बार हाईकमान ने एकाध को छोड़कर सभी सीटों को उनके भरोसे छोड़ दिया है। जाहिर है यह राव की अग्नि परीक्षा है। अगर वे अपने सभी उम्मीदवारों को जीता पाने में कामयाब हो गए तो प्रदेश ओर देश की राजनीति में उनके कद को कोई नही छू पाएगा। इस स्थिति में आरती राव को भी भाजपा सरकार बनने पर बड़ा ओहदा मिल सकता है। अगर परिणाम एकदम उलट आए तो राव लंबे समय तक भाजपा में भी नही बने रहेंगे यह भी तय है। एक दिन पहले तक महेंद्रगढ़ सीट पर प्रो. रामबिलास शर्मा की पैरवी करते आ रहे राव इंद्रजीत सिंह ने बावल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा की वे इस सवाल पर कोई टिप्पणी नही करेंगे। कंवर सिंह यादव भी भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता है। हाईकमान ने सोच समझकर ही टिकट दिया होगा। राव दूसरों का जोखिम अब अपने ऊपर लेने से बच रहे हैं। उन्हें पता है की अगले 20 दिनों में हर सीट पर जीत को लेकर महाभारत शुरू हो चुकी है। इसलिए समझदारी  से इधर उधर के झगड़ों में फंसने की बजाय अपने टारगेट पर फोकस करे। इसी वजह से आने वाले दिनों में भी राव संतुलित राजनीति करते हुए नजर आएंगे। टिकट को लेकर उन्होंने जो तेवर दिखाने थे वे दिखा चुके हैं।