Pakistan terror attack news: खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान में शादी समारोह के दौरान आत्मघाती धमाका, 7 लोगों की मौत, 25 घायल, इलाके में दहशत।
पाकिस्तान में एक बार फिर आतंकवाद ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में शुक्रवार, 24 जनवरी को एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब आत्मघाती हमलावर ने मेहमानों के बीच खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। इस भयावह हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह आत्मघाती हमला सरकारी समर्थक समुदाय नेता नूर आलम मेहसूद के घर पर आयोजित शादी समारोह के दौरान किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है।
मेहमानों के बीच पहुंचकर खुद को उड़ाया
पुलिस के अनुसार, हमलावर ने विस्फोटक से भरी जैकेट पहन रखी थी। वह शादी समारोह में मेहमानों के बीच पहुंचा और मौके पर ही खुद को उड़ा लिया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि समारोह स्थल की छत ढह गई और चारों ओर मलबा, खून और चीख-पुकार फैल गई।
स्थानीय पुलिस प्रमुख आदनान खान ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि धमाके के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
ड्रम की थाप पर नाच रहे थे लोग, तभी हुआ धमाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब शादी में शामिल लोग खुशी के माहौल में ड्रम की थाप पर नाच रहे थे। किसी को अंदेशा भी नहीं था कि पलभर में खुशियों का यह माहौल खून और मातम में बदल जाएगा। विस्फोट के बाद बचाव कार्य में भी काफी दिक्कतें आईं, क्योंकि मलबा चारों ओर फैल गया था।
सुरक्षा बलों ने की घेराबंदी, तलाश जारी
हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर दी है। पुलिस संभावित सहयोगियों और हमलावर के नेटवर्क की तलाश में छापेमारी कर रही है। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
हालांकि, खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में पहले से ही तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे उग्रवादी संगठनों की सक्रियता रही है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं।
पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमले
पाकिस्तान में बीते कुछ महीनों के दौरान आतंकी हमलों में लगातार इजाफा देखा गया है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे अशांत इलाकों में। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आतंकवादियों के लिए शादी जैसे खुशी के मौके भी निशाना बनने से नहीं बचते।
इस हमले ने न सिर्फ कई परिवारों की खुशियां छीन लीं, बल्कि पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।