सीधी सपाट बात : भाजपाई भ्रम में दिल्ली- चंडीगढ़ से कोई जीताने आएगा, कांग्रेसी उम्मीदवारों को खुद पर भरोसा

रणघोष अपडेट. रेवाड़ी

 हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा- कांग्रेस के बीच चुनाव प्रचार में एक खास बात सामने आ रही है। भाजपा प्रत्याशी अपने दम की बजाय संगठन की ताकत, दिल्ली- चंडींगढ़ से आने वाले असरदार नेताओं एवं अपने आकाओं के भरोसे जीत देख रहे हैं जबकि कांग्रेसी उम्मीदवार अपनी खुद की जमीनी ताकत से अपनी जीत का आधार मजबूत करते दिख रहे हैं। बावल की बात करे। यहा से भाजपा उम्मीदवार डॉ. कृष्ण कुमार पूरी तरह से अपने राजनीति गुरु केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, ओर भाजपा संगठन पर निर्भर है। उनका एक एक कदम उनके इशारे पर आगे चलता है। यह भाजपाईयों के लिए बड़ा जोखिम है। वजह इस बार किसी भी राजनीतिक दल की कोई हवा नही है। उधर कांग्रेस से डॉ. एमएल रंगा अपनी खुद की ताकत से चुनाव को हर लिहाज से मजबूत करने में लगे हुए हैं। रेवाड़ी में थोड़ी सी स्थिति अलग है। भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मण यादव का अपना सामाजिक चेहरा है लेकिन अन्य प्रत्याशियों  के मुकाबले इस सीट पर पहली बार आने से उनका इस जमीन पर पसीना कम बहा है। कांग्रेस से चिरंजीव राव को अपने पिता कप्तान अजय सिंह यादव से राजनीति विरासत में मिली है जिसे खड़ी ओर मजबूत करने में कप्तान ने भी अच्छा खासा पसीना बहाया है। पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव अपने आप में  चर्चित चेहरा है। वे अपना वजनवे हर चुनाव में तोलते रहे हैं। पूर्व विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास इस बार मैदान में नही है लेकिन जमीनी हैसियत में सबसे आगे रहे हैं। इसी तरह युवा चेहरा प्रशांत सन्नी ने पिछले 10 सालों में पारिवारिक ओर सामाजिक सरोकार से अपनी अलग से ताकत को जमीन पर फैलाया है। एक अलग चेहरे में विजय सोमाणी की राजनीति में अलग पहचान है। वे लगातार लंबे समय से चुनाव में अपनी पहचान का शोर मचाकर चले जाते हैं। इस बार बसपा इनेलो का साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। कोसली में कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री जगदीश यादव अपने दम पर इस चुनाव को जीतने का मजबूत इरादा बना चुके  हैं जबकि भाजपा प्रत्याशी अनिल डहीना अपने राजनीति गुरु केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ओर भाजपा संगठन के आशीर्वाद से कम समय में जीत के प्रति आश्वस्त दिख रहे हैं। इससे हटकर 20 सालों से अधिक समय से कोसली की जमीन को सामाजिक भाईचारा से मजबूत करते आ रहे आजाद उम्मीदवार मनोज कोसलिया का जोश यह बताने के लिए काफी है की इस सीट पर कुछ भी हो सकता है। कुल मिलाकर अगर बाहर से भाजपा के लिए अच्छी हवा नही चली तो हर सीट पर  भाजपाई कड़े संघर्ष का सामना करते हुए नजर आएंगे।