रेवाड़ी में सतीश यादव की पद यात्रा असर डाल रही है

रेवाड़ी के हालात देखे तो सतीश की आवाज सबसे आगे है


रणघोष अपडेट. रेवाड़ी

रेवाड़ी विधानसभा सीट पर सतीश यादव बेशक आप की टोपी पहनकर गली मोहल्लों में निकल रहा हो। असल में वोट का हकदार उसकी आवाज को है जो रेवाड़ी के हालातों को देखकर सुबह शाम चिल्ला रही है। सतीश ने इस चुनाव में खुद को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। वह अकेला माइक लेकर पैदल सुबह निकल पड़ता है। वह हर उस समस्या को उठा रहा है जिसमें रेवाड़ी का दर्द छिपा हुआ है। सतीश बार बार इस सीट पर लंबे समय तक काबिज रहे कप्तान परिवार पूछ रहा है की आखिर वे इस छोटी सी विधानसभा को कितना बर्बाद करके छोड़ेंगे। जिस विकास को वे अपनी देन बता रहे हैं असल में एनसीआर में आने के बाद यहा विकास जो दिख रहा है वह केंद्र सरकार के मास्टर प्लान में पहले ही है। कप्तान परिवार 50 साल से राज करता आ रहा है। इसके बाद भी लूट की इनकी भूख शांत नही हुई है। वे इस परिवार को चुनौती देते हैं कि वे सतीश यादव की तरह पैदल चलकर शहर की समस्याओं के सामने खड़े होकर वोट मांगने की हिम्मत दिखाए। जनता मौके पर ही हिसाब कर देगी। सतीश ने जनता से अपील की है कि वे कब तक एक परिवार को इस तरह राजा तरह पालते रहेंगे। यही हाल भाजपा का है जहा जबरदस्ती कोसली का विधायक रेवाड़ी पर थोप दिया गया। यह सरासर ज्यादती है। अगर जनता सचमुच में बेहतर बदलाव चाहती है तो अपने सम्मान ओर स्वाभिमान को जागृत कर कांग्रेसी ओर भाजपाईयों को मचा चखाए।