जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा के खिलाफ की गई टिप्पणियों की वजह से अवमानना मामले में घिरे पत्रकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास अपनी बातों पर डटे हुए हैं। सौरभ दास ने इस दावे का खंडन किया है कि उन्होंने जस्टिस शर्मा के खिलाफ अपनी टिप्पणियों को डिलीट कर दिया है। सौरभ दास ने कहा कि अदालत को गुमराह नहीं करना चाहिए।
बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट अवमानना की याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि सौरभ दास और अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ की गई टिप्पणियों को डिलीट कर दिया है। दास ने इसका खंडन करते हुए अदालत को गुमराह करने की कोशिश बताया। उन्होंने हंसी की इमोजी के साथ लिखा, ‘कुछ भी। मैंने कभी कॉमेंट्स डिलीट नहीं किए। मेरी रिपोर्टिंग पूरी तरह आरटीआई डेटा और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों पर थी। एक वकील के 2 रुपये के इस ट्रोल को अदालत को गुमराह करना बंद करना चाहिए।’ सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अन्य को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की ओर से शुरू किए गए मामले में अरविंद केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंद्र डुडेजा की पीठ को बताया कि उन्हें वह सामग्री नहीं उपलब्ध कराई गई है जिसके आधार पर अवमानना का मामला शुरू किया गया है। अन्य पक्षों की तरफ से भी इसी तरह की दलीलें दी गईं। इसके बाद अदालत ने रिजस्ट्री से सामग्री उपलब्ध कराने को कहा और जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया।
सौरभ दास को भी चार सप्ताह का समय
इसी से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने आप नेता गोपाल राय और सौरभ दास को भी अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाए जाने का हिस्सा होने का आरोप लगाते हुए अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई थी। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 21 सितंबर सुनिश्चित की है।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने शुरू की थी कार्यवाही
19 मई को हाई कोर्ट ने केजरीवाल और अन्य को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल और अन्य के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही 14 मई को शुरू करने का आदेश दिया था और कथित शराब घोटाले से जुड़े केस से खुद को अलग कर लिया था।