दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे पहले कोर्ट ने साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया था। सजा सुनने के बाद सभी दोषी रोने लगे। कोर्टरूम के बाहर उनके परिवार वाले भी रो रहे थे।
अंकित शर्मा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने पाया था कि उनके शरीर पर तेज धार वाले हथियार से 51 वार के निशान थे। चार्जशीट में ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया गया। दिल्ली पुलिस ने अंकित के पिता के बयान पर ताहिर हुसैन के खिलाफ केस दर्ज किया था। ताहिर हुसैन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 365, 201 और धारा 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और करीब दो सौ लोग घायल हो गए थे।
मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु व घटनाक्रम
25 फरवरी 2020- अंकित शर्मा की हत्या
26 फरवरी 2020– दयालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज
3 जून 2020 – पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया
21 अगस्त 2020– कोर्ट ने आरोपपत्र पर संज्ञान लिया
5 फरवरी 2021– पुलिस ने पहला पूरक आरोपपत्र दाखिल किया
23 जून 2022– पुलिस ने दूसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया
9 दिसंबर 2022– पुलिस ने तीसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया
23 मार्च 2023– कड़कड़डूमा कोर्ट ने 11 आरोपियों के खिलाफ तय किए आरोप
13 जुलाई 2026 – कोर्ट ने 5 को दोषी ठहराया, 6 को बरी किया
27 जुलाई 2026 – सजा पर बहस, अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए मांगी थी फांसी
31 जुलाई 2026 – दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा