बादशाहपुर में मुस्करा रहा कमल कुछ कह रहा है..

 यहा नरबीर ओर बादशाहपुर एक दूसरे को देखकर इतरा रहे हैं..


रणघोष खास. बादशाहपुर की जमीन से

दक्षिण हरियाणा की सबसे बड़ी विधानसभा बादशाहपुर सीट पर चुनाव लड़ रहा एक शख्स ऐसा भी है जो पांच साल पहले अपने कार्याकाल 2014-2019 में करवाए गए विकास कार्यों के नाम पर वोट मांग रहा है। उसके पास इसका रिपोर्ट कार्ड भी है जिसे वह अपनी हर जनसभा में पेश कर रहा है। जिसका तोड़ विरोधी प्रत्याशियों के पास इसलिए नही है की वह काम जमीन पर डंके की चोट पर नजर आ रहा है।

यहा बात हो रही है भाजपा उम्मीदवार राव नरबीर सिंह की। जिसकी राजनीति पहचान अपने नाम ओर काम से होती रही है। इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा हाईकमान टिकटों के बंटवारे को लेकर एक एक सीट पर महाभारत कर रहा था। मार काट जैसे हालात बनते जा रहे थे। ऐसे माहौल में राव नरबीर ऐसे शख्स थे जिसकी एक आवाज सुनकर टिकट अपनी घोषणा से पहले उनके घर पर पहुंच गईं। इतना ही नही। शक की कोई गुंजाइश नही रह जाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राव नरबीर सिंह को अपने पास बुलाकर पीठ थपथाई की बादशाहपुर संभाल लो। पांच साल पहले हुई चूक अब दुबारा नही होगी। यह हैरान करने वाली बात थी टिकट की घोषणा से दो दिन पहले ही समर्थकों ने सार्वजनिक तौर पर जश्न मनाना शुरू कर दिया था। यह सब इस नेता की राजनीति में मजबूत हैसियत को बताती है। इस सीट पर लोकल से लेकर नेशनल मीडिया यह कहने में गुरेज नही कर रहा है की अन्य सीटो के मुकाबले यहां कमल ज्यादा मुस्कराता नजर आ रहा है।

राव नरबीर सिंह के भाषण में इधर उधर की बातें कम स्पष्टता ज्यादा रहती है। वे सीधे विकास की बात पर आते हैं। ऐसा नही है की हरियाणा भाजपा सरकार में पीडब्ल्यूडी, वन एवं पर्यावरण मत्री रहते हुए राव नरबीर की पहचान बादशाहपुर में करवाए गए विकास कार्यो की वजह से होती है। वे हरियाणा के पहले ऐसे मंत्री बनकर सामने आए जिन्होंने खुली चुनौती दी थी कि हरियाणा के किसी भी कोने में बनी सड़क जो उनके महकमें के दायरे में आती है। वह जर्जर नजर नही आएगी। अगर है तो 24 घंटे में उसकी मरम्मत पर काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए फोटो सहित शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए। चारों तरफ बिछा सड़कों का जाल आज भी राव नरबीर की गवाही दे रहा है। पर्यावरण को लेकर अनेक योजनाओं पर जमीनी स्तर पर काम हुआ। जन्म से लेकर मृत्य तक के मौके को पौधारोपण अभियान से जोड़ा गया जिस पर आज तक लोग अपने स्तर पर अमल करते आ रहे हैं। इतना ही नही राव नरबीर सिंह ने अपनी बेटी की शादी में पर्यावरण का संदेश देते हुए शादी के कार्ड तक नही छपवाए। डिजीटल निमंत्रण पत्र देकर समाज के लिए अनूठी पहल की शुरूआत की। नतीजा आज छोटे बड़े आयोजनों का निमंत्रण डिजीटल प्लेटफार्म से ज्यादा दिया जा रहा है। कुल मिलाकर इन्ही वजहों से यह नेता मौजूदा राजनीति माहौल में बादशाहपुर के मतदाताओं पर अभी तक अपने विश्वास की मोहर लगाता दिख रहा है। आने वाले दिनों में तस्वीर क्या होगी यह आने वाला समय बताएगा।