यहां भाजपा का घर खाली हो रहा है, कांग्रेस का कुनबा बढ़ रहा है
रणघोष खास. बावल से ग्रांउड रिपोर्ट
दक्षिण हरियाणा के तीन जिले महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और रेवाड़ी जिले की 11 सीटों में आरक्षित बावल विधानसभा सीट पर भाजपा सबसे ज्यादा संघर्ष में है। कोई ऐसा रास्ता भी नजर नही आ रहा जिस पर चलकर भाजपाई यह दावा कर सके की उनकी दावेदारी इस आधार पर मजबूत है। गुरुवार को भाजपा के अंदर एक ओर मजबूत विकेट गिरकर कांग्रेस के पास चली गई। टिकट के प्रमुख दावेदार श्याम सुंदर सभ्ररवाल ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस ज्वाइन कर ली जबकि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह उसे ऐसा नही करने के लिए समझाते रहे। इससे पहले राव के समर्पित सिपाही भरत सिंह ने भी पैराशूट उम्मीदवार उतारने के विरोध में कांग्रेस को ज्वाइन कर लिया था। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. एमएल रंगा जमीनी स्तर पर सुलझा हुआ चेहरा है जिसके नाम ओर चेहरे से गांव की चौपाल से लेकर गली मोहल्ले पूरी तरह से परिचित है। टिकट कटने पर पूरी तरह से नाराज चल रहे भाजपा नेता डॉ. बनवारीलाल बावल में होते हुए भी गायब है। देखा जाए तो यह भाजपा के लिए ये लगातार झटके हैं जिससे संभलना अब बहुत मुश्किल हो जाएगा। यहां भाजपा के लिए चारों तरफ दिक्कतें इसलिए बढ़ती जा रही है की चुनाव को संभालने के लिए भाजपा का संगठन भी दिशाहीन ओर पूरी तरह से अदंरखाने क गुटबाजी की वजह से बिखरा हुआ है। भाजपा उम्मीदवार डॉ. कृष्ण कुमार के लिए बावल ठीक उसी तरह है जिस तरह शादी के बाद पहली बार लड़का लड़की अपने ससुराल में जाते हैं। कुछ समय बाद उन्हें पता लगने लगता है की इस परिवार में कौन समझदार है और किसने आग लगाईं। डॉ. कृष्ण को राव इंद्रजीत सिंह के आशीर्वाद से टिकट मिली। इसलिए उनकी जीत राव के कंधों पर टिकी हुई है। इस बार राव चारों तरफ अपने समर्थकों को मिली टिकटों को लेकर उत्साहित है दूसरी तरफ पूरी तरह से उलझे हुए है की वे किस किस सीट को संभाले। ना पार्टी की हवा है और ना ही संगठन जमीन पर सक्रिय नजर आ रहा है। इसलिए यहा भाजपा अन्य सीटों के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हैं।